प्रेस-विज्ञप्ति वेटरनरी विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर का हुआ समापन

बीकानेर, 24 मार्च। पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर एवं डेयरी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन सोमवार को हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. पंकज कुमार थानवी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्तित्व महत्वपूर्ण माध्यम है तथा विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। डॉ. नीरज कुमार शर्मा कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना ने सात दिनों में करवायी गई गतिविधियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा कि शिविर के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान, विश्वविद्यालय के गोद लिए गांव में नशा मुक्ति रैली, पोस्टर प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक डॉ. खुशबू सुथार ने व्याख्यान दिया तथा विभिन्न मनोरोगों एवं मानव व्यवहार के बारे में बताया। डॉ. विवेक व्यास सहायक आचार्य, एग्री बिजनेस मैनेजमेंट महाविद्यालय ने भी प्रेरणादायी व्याख्यान दिया। सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किये गये। इस अवसर पर डॉ. प्रियंका ने मंच का संचालन किया। डॉ. सुभिता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। शिविर के दौरान डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिवाकर, डॉ. जावेद अख्तर और डॉ. नरेन्द्र का सहयोग रहा।

गांव बम्बलु में निकाली नशा मुक्ति रैली

बीकानेर, 24 मार्च। यूनिवर्सिटी-सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत गोद लिए गांव बम्बलु में पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा शनिवार को नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मैना कुमारी ने स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशे की प्रकृति युवाओं मे ंबढ़ती जा रही है जो कि सामाजिक परिवेश के साथ-साथ युवा वर्ग के आर्थिक उत्थान में भी अभिषाप बन गई है। सरकार के साथ-साथ नागरिकों के सामूहिक प्रयासो ंसे हम समाज में फैली नशे की प्रवृति को रोक सकते है। इस शिविर के आयोजन में सहायक आचार्य डॉ. सुनिल कुमार, डॉ. दिवाकर झुरिया, ग्राम विकास अधिकारी रामदेव मंडा तथा ग्राम वासियों का सहयोग रहा।