बीकानेर, 26 मार्च। राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर में शासन सचिव पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी, राजस्थान सरकार डॉ. समित शर्मा ने बुधवार को विश्वविद्यालय के क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स का दौरा एवं निरीक्षण किया। प्रति-कुलपति एवं अधिष्ठाता वेटरनरी महाविद्यालय प्रो. हेमन्त दाधीच ने बताया कि शासन सचिव महोदय ने वेटरनरी महाविद्यालय के विभिन्न शल्य चिकित्सा इकाई में सी.टी. स्कैन, सोनोग्राफी यूनिट, एक्सरे यूनिट, छोटे एवं बड़े पशुओं के ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण किया एवं विश्वविद्यालय में चल रही गतिविधियों की जानकारी हासिल की। डॉ. समित शर्मा ने वेटरनरी विश्वविद्यालय में उपलब्ध चिकित्सकीय संसाधन एवं सुविधाओं अधिक से अधिक आमजन में प्रसार एवं प्रचार का सुझाव दिया ताकि ताकि अधिक पशुपालक रोग निदान एवं चिकित्सा पंजीकरण की संख्या में वृद्धि हो और संसाधनों के समुचित उपयोग से ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों को चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ मिल सके। डॉ. शर्मा ने वेटरनरी चिकित्सा यूनिटों को सुपर स्पेशलाइजेशन के रूप में विकसित करने का सुझाव भी दिया। पशुचिकित्सा संकुल का भ्रमण निदेशक क्लिनिक प्रो. प्रवीण बिश्नोई ने करवाया इस दौरान सभी शिक्षक, स्नातकोत्तर एवं पी.एचडी विद्यार्थी उपस्थित रहे। डॉ. शर्मा ने महाविद्यालय में चल रही खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों को सम्बोधित भी किया और कहा कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहना चाहिए जो कि नियमित खेल-कूद से सम्भव है। डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वस्थ मनुष्य ही अपने कार्यों का कुशलतापूर्ण निर्वाहन कर सकता है। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों से आन्तरिक प्रेरणा को अधिक महत्वपूर्ण बताते हुए कहां कि वो विद्यार्थी ही विजेता बनता है जो स्वतः प्रेरित होता है। हमें शिक्षा, खेल-कूद, कार्यस्थल पर स्वतः प्रेरित होकर कार्य करना चाहिए। निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. हेमंत दाधीच, विश्वविद्यालय के अन्य अधिष्ठाता निदेशक, इकाई प्रभारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।
पशु चिकित्सकों का लैप्रोस्कोपी तकनीको पर प्रशिक्षण संपन्न
बीकानेर, 26 मार्च। राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर के सर्जरी एवं रेडियोलॉजी विभाग में पशु चिकित्सकों का तीन दिवसीय लेप्रोस्कोपी तकनीको पर प्रशिक्षण बुधवार को सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.) के अधीन डीमिस्का नेटवर्क प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित किया गया। केन्द्र के मुख्य अन्वेषक प्रो. प्रवीण बिश्नोई ने बताया कि इस प्रशिक्षण में चिकित्सकों को लैप्रोस्कोपी से संबंधित विभिन्न तकनीकों, स्टरलाइजेशन, बायोप्सी, ऑपरेशन संसाधन, सुचर तकनीको आदि का प्रायोगिक ज्ञान प्रदान किया गया। ट्रेनिंग प्रभारी डॉ महेंद्र तंवर ने बताया कि इस प्रशिक्षण में पहले सिम्युलेटर पर प्रैक्टिस करवाई गई और उसके बाद श्वानों में नसबंदी के ऑपरेशन में लैप्रोस्कोपी का प्रशिक्षण करवाया गया। इस प्रशिक्षण में राजस्थान के अतिरिक्त दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक व पंतनगर के पशुचिकित्सकों ने भाग लिया। डॉ. सकार पालेचा एवं डॉ. अनिल कुमार बिश्नोई प्रशिक्षण के सह-समन्वयक रहे।
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