वेटरनरी विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र, हिसार के बीच एम.ओ.यू. अनुसंधान एवं प्रशिक्षण पर करेगे साझा काम

वेटरनरी विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र, हिसार के बीच एम.ओ.यू.
अनुसंधान एवं प्रशिक्षण पर करेगे साझा काम

बीकानरे, 4 जुलाई। वेटरनरी विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र, हिसार ने शनिवार को अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में आपसी सहयोग और समन्वय के लिए एक करार (एम.ओ.यू.) किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र एवं राजुवास देश के नामित संस्थानों में से है जो कि निरन्तर पशु पालकों के हितो हेतु अनुसंधान एंव प्रशिक्षण का कार्य कर रहे हैं। इस एम.ओ.यू. के माध्यम से दोनो संस्थाए आपस में उपलब्ध संस्थानों एवं वैज्ञानिक कौशल का समुचित उपयोग कर सकेंगी, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान परिणाम मिलेगे। यह आपसी करार विद्यार्थियो, शिक्षकों एवं पशुपालकों के हित में सहायक होगा। कुलपति प्रो. शर्मा ने अनुसंधान के अलावा पशुपालन डिप्लोमा धारकों एवं पशुचिकित्सको के लिए सर्टिफिकट पाठ्यक्रम शुरू करने की इच्छा जाहिर की। कुलपति ने कहा कि दोनो संस्थाए, भविष्य में संयुक्त शोध परियोजनाएं शुरू कर सकेगी, इससे प्रयोगशालाओं के सुदृड़ीकरण में मदद मिलेगी एवं पशुपालकों के हितों हेतु नवीनतम तकनीक खोज में सहायता मिलेगी। अश्व अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा ने कहा कि यह आपसी करार दोनो संस्थानों के लिए बहुत लाभकारी रहेगा। इससे सयुक्त रूप से अनुसंधान परियोजनाओ को शुरू करने के लिए बल मिलेगा। विद्यार्थी दोनो संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का शोध कार्य हेतु उपयोग कर सकेंगे तथा दोनो संस्थानों में शोध एवं अन्य परियोजनाओं के लिए वैज्ञानिक कौशल एवं ज्ञान का पारस्परिक उपयोग कर सकेगे। अपने शोध परिणामों को उच्च मानक वाले जनरल एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित कर सकेंगे। इस अवसर पर अश्व अनुसंधान केन्द्र हिसार के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आर.के. गोयल, अश्व अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर के प्रभारी अधिकारी डॉ. एस.सी. मेहता, अश्व अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आर.ए. लेद्या, अधिष्ठाता वेटरनरी कॉलेज, बीकानेर प्रो. आर.के. सिंह, प्रसार शिक्षा नि