वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन।

नवानियां, 27 दिसंबर। पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान महाविद्यालय, नवानियां, वल्लभनगर स्थित ‘पशुधन फार्म संकुल’ एवं ‘प्रधान’, आबूरोड के संयुक्त तत्वावधान में 27 से 31 दिसम्बर तक ‘वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन’ विषय आदिवासी महिला पशुपालकों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र में पशुपालकों को संबोधित करते हुए राजुवास के माननीय कुलपति महोदय, प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार गर्ग ने कहा कि बकरी पालकों को वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन के लिए पाॅच विशेष बातें अच्छी ‘नस्ल, आवास, प्रजनन, रखरखाव एवं स्वास्थ्य’ का विशेष ध्यान रखना चाहिए। वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर बकरी पालन करें निश्चित ही बकरी पालकों की आय में वृद्घि होगी। प्रो. (डॉ.) हेमंत दाधीच, निदेशक अनुसंधान राजूवास, बीकानेर ने अपने संबोधन में बकरी पालन और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसकी महत्ता तथा मूल्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम की इस कड़ी में महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) राजीव कुमार जोशी ने बकरी पालकों को संबोधित करते हुए उन्हें इस तरह की प्रशिक्षण शिविरों में अधिका से अधिक भाग लेने के लिए प्रेरित किया। प्रधान एनजीओ के अधिकारी श्री सुमित कुमार ने उन्हें प्रधान के प्रयासों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में इस प्रशिक्षण शिविर की समन्वयक और पशुधन फार्म संकुल की प्रभारी डॉ. हीना वाइएज ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।