वेटरनरी विश्वविद्यालय पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट प्रबन्धन एवं निस्तारण पर पशुधन सहायकों का प्रशिक्षण सम्पन्न

बीकानेर, 28 सितम्बर। वेटरनरी विश्वविद्यालय के पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट निस्तारण तकनीकी केंद्र द्वारा “पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट के उचित प्रबंधन एवं निस्तारण” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के उद्घाटन समारोह में डॉ. हुकमा राम, अतिरिक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, बीकानेर ने कहा कि पशुओं के रोग निदान और उपचार कार्यों में चिकित्सकीय अपशिष्ट का सही निस्तारण मानव और पशु जगत के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रो. ए.पी. सिंह, डायरेक्टर क्लीनिक्स ने बताया कि जूनोटिक रोगों के रोकथाम के लिए पशुचिकित्सकीय अपशिष्ट का उचित प्रबंधन एवं निस्तारण किया जाना जरूरी है। केंद्र के प्रमुख अन्वेषक डॉ. रजनी जोशी ने बताया की इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न पशु चिकित्सालयों व पशु उपकेन्द्रों पर कार्यरत 30 पशुधन सहायकों ने हिस्सा लिया एवं कहा कि पशुधन सहायकों को जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट का निस्तारण पूरी ज़िम्मेदारी के साथ करना चाहिए। साथ ही उन्होने सभी प्रशिक्षणार्थियों से आव्हान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कार्याे को अन्य पशुधन सहायकों, संबन्धित स्टाफ, एवं प्रयोगशाला सहायक तक जन जागरूकता के रूप मेँ पहुंचाये। समारोह में पशुपालन विभाग, बीकानेर के डॉ. वीरेंद्र नेत्रा भी मौजूद रहे। केन्द्र के सह-अन्वेषक डॉ. दीपिका धूडिया व डॉ. मनोहर सैन ने पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट के उचित प्रबंधन एवं निस्तारण विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। प्रशिक्षण मे डॉ. मनोहर सेन व डॉ. देवेंद्र चौधरी ने पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट के पृथक्करण व निस्तारण का प्रायोगिक विवरण दिया। प्रशिक्षण के समापन पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गये।