वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतीश के. गर्ग ने किया ध्वजारोहण उत्कृष्ट कार्यों के लिए विद्यार्थी, कर्मचारी एवं शिक्षक हुए सम्मानित

बीकानेर 15 अगस्त। स्वाधीनता दिवस के 75वें पर्व पर वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतीश के. गर्ग ने दीवान-ए-आम में ध्वजारोहण कर सलामी दी। इस अवसर पर कुलपति प्रो. गर्ग ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों, अमर शहीदों और देश की आजादी के लिए बलिदान करने वाले शहीदो के प्रति कृतज्ञता प्रकट कर देश की एकता, अखण्डता और विकास के लिए प्राण-प्रण से जुटने का आह्वान किया। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौर में भी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रसार कार्यक्रमों को निरंतर बनाए रखने हेतु विश्वविद्यालय के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की सराहना की। कुलपति ने कहा कि प्रदेश में पशुपालन की महत्ता को देखते हुए राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय को नावां (नागौर) में नया वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर में डेयरी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, बस्सी (जयपुर) में डेयरी व खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय और जोबनेर (जयपुर) में पशु विज्ञान केन्द्र की सोगात दी है जो एक बड़ी उपलब्धि है इससे पशुधन विकास के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्वावलम्बन मिलेगा। कुलपति ने नवीन शिक्षा नीति के अनुरूप शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, बेहतरीन अनुसंधान हेतु प्रयोगशालाओं के सुद्दढ़ीकरण एवं मानव संसाधन उपलब्ध करवाने हेतु प्रयासो को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

स्थानीय जलवायु और पशुधन के अनुकूल एप्लाईड रिसर्च हमारी प्राथमिकता होगी और एकीकृत कृषि पशुपालन की संकल्पना को साकार करने की दिशा में हम आगे बढेंगे। प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा पशु विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों तक नवीनतम तकनीकी के प्रसारण, पशुधन अनुसंधान केन्द्रों पर देशी गायों में भ्रूण प्रत्यारोपण एवं उन्नत दुग्ध परीक्षण व अनुसंधान प्रयोगशाला के एनएबीएल द्वारा प्रदत मान्यता जैसे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। कुलपति ने कहा कि वेटरनरी विश्वविद्यालय के बढ़ते हुए कार्य क्षेत्र, पशुपालकों की अपेक्षाओं, शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध के नये आयाम एवं विभिन्न शोधों एवं तकनीकों को गांव-ढ़ांणी तक पहुँचाने एवं राजुवास को पशुचिकित्सा एवं पशुपालन क्षेत्र की एक उत्कृष्ट संस्था के रूप में स्थापित करने हेतु हम सबको कर्मबद्ध, समयबद्ध एवं वचनबद्ध होकर आगे बढ़ना होगा। कुलपति ने शैक्षणिक, उल्लेखनीय सेवाओं और कार्यों के लिए 62 जनों को सम्मानित किया।

समारोह में शैक्षणिक, सांस्कृतिक-खेलकूद और एन.सी.सी. में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 39 छात्र-छात्राओं के नामों की घोषणा की। 7 अशैक्षणिक कर्मचारियों इमाराम, अनिल प्रकाश माथुर, मथुरा लाल, हनुमाना राम, सुरेश यादव, गणेश शर्मा और रामप्रकाश सुथार को उत्तम सेवा के लिए और शिक्षण व अनुसंधान में विशिष्ट कार्यों के लिए 8 शिक्षकों डॉ. बिन्सी जोसफ, डॉ. साकार पालेचा, डॉ. अमिता रंजन, प्रो. आर.के. धूड़िया, डॉ. सुरेश कुमार झीरवाल, डॉ. तरूणा भाटी, डॉ. सुदीप सोलंकी और डॉ. कमल पुरोहित को सम्मानित किया। विश्वविद्यालय में शिक्षण, अनुसंधान और प्रसार में उल्लेखनीय कार्यों के लिए विश्वविद्यालय के 5 संस्थानों व इकाईयों पी.जी.आई.वी.ई.आर., जयपुर, पशु विज्ञान केन्द्र (बाकलियां), शल्य चिकित्सा एवं विकिरण विभाग (बीकानेर) और सेन्टर फॉर एक्सीलेन्स ऑन मिल्क क्वालिटी एण्ड सेफ्टी (जयपुर) के नामों की घोषणा कर सराहना की। विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रो. राजेश कुमार धूड़िया, निदेशक प्रसार शिक्षा, श्री मनोहर सिंह, उच्च श्रेणी लिपिक, श्री पुरूषोत्तम पालीवाल, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को कुलपति अवार्ड के लिए नामित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव अजीत सिंह, वित नियंत्रक प्रताप सिंह पूनियां, अधिष्ठाता प्रो. आर.के सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एस.सी. गोस्वामी सहित अन्य डीन-डायरेक्टर, अधिकारीगण, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।