वीडियो कॉन्फ्रेस द्वारा जोधपुर के वेटरनरी कॉलेज का शिलान्यास एवं पांच पशु विज्ञान केन्द्रों के भवनों का लोकार्पण राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने किया सम्बोधित

बीकानेर, 10 जून। राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने गुरूवार को राज्य स्तरीय ऑनलाइन समारोह में वेटरनरी विश्वविद्यालय के संघटक पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय जोधपुर के भवन की आधारशिला रख कर पांच अन्य जिलों में स्थित पशु विज्ञान केन्द्रों के भवनों का लोकार्पण किया। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने की। इस अवसर पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने कहा कि राज्य में कृषि एवं पशुपालन के कार्यों के महत्व से विकास का आधार सुद्दढ़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि मारवाड़ जैसे शुष्क क्षेत्र में पशु प्रबंधन की कारगर नीति बनाने की आवश्यकता है जिससे आधुनिक विज्ञान और तकनीक का लाभ किसानों और पशुपालकों को मिल सके। कृषि खाद्य और पशु प्रोटीन उत्पादन का वैश्विक स्तर पर विपणन होना चाहिए। क्षेत्र के जागरूक किसान और पशुपालकों ने पांरपरिक पद्धतियों पर भी अच्छा कार्य किया है। जिसका डाक्यूमेंटेशन विश्वविद्यालय के स्तर पर होना चाहिए। आधुनिक और पांरपरिक ज्ञान के सम्मिश्रण से जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। राज्यपाल मिश्र ने कहा कि राज्य एक प्रमुख दुग्ध उत्पादक है और अतिरिक्त दूध का विपणन और प्रसंस्करण से पशुपालकों को अधिक लाभ दिलाया जा सकता है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा डेयरी क्षेत्र में विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तायुक्त उत्पाद और विपणन की महत्ती आवश्यकता है। वेटरनरी विश्वविद्यालय स्तर पर व्यवहारिक प्रयास हो रहे है। मरूक्षेत्र की भौगलिक और जलवायु स्थिति के मद्देनजर पशुचिकित्सा एवं कृषि विश्वविद्यालयों को परंपरागत ज्ञान संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने की जरूरत है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि राज्य में कृषि और पशुपालन का विकास तेज गति से होना चाहिए। देश की जीडीपी में राज्य के कृषि व पशुपालन योगदान को बढ़ाने के लिए 5 कृषि विश्वविद्यालय और वेटरनरी विश्वविद्यालय खोले गए हैं। कोरोना काल में कृषि और पशुपालन से जीडीपी में बढ़ोतरी का होना किसान और पशुपालकों के लिए गर्व की बात है। राज्य में मूक प्राणियों के लिए निःशुल्क दवा योजना लागू की है। 108 एम्बूलेंस सेवा की तर्ज पर पशुओं के लिए सेवाएं सुलभ होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रति लीटर पशुपालकों को बोनस दिया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि पशु नस्ल सुधार हो और गांव-गांव डेयरी का फैलाव हो। पशु विज्ञान केन्द्र हर जिले में स्थापित हो इस बाबत आगे बढेंगे। राज्य में कृषि और पशुपालन क्षेत्र मजबूत है और इसे पूरा प्रोत्साहन देकर और मजबूत बनाया जाएगा। कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा राज्य में आधुनिकतम तकनीक से उपचार सेवाओं, पशु रोग परामर्श और किसान व पशुपालकों की सलाहकारी सेवाओं की सराहना की। कृषि एवं पशुपालन राज्य मंत्री श्री भजनलाल जाटव ने भी समारोह को सम्बोधित किया। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने कहा कि पषु उत्पाद जैसे दूध, मांस, अण्डा आदि का दैनिक आहार में तेजी से बढ़ते हुए उपयोग को देखते हुए वैज्ञानिक पषु फार्मिंग, प्रसंस्करण सम्बन्धि उद्यम व उद्यमिता का तेजी से समाज में स्थान बढ़ रहा है। इस नवीन महाविद्यालय में हमारी परिकल्पना ही नहीं वरन संकल्पित है कि पषुचिकित्सा के छात्र, चिकित्सा के साथ-साथ उद्यम व उद्यमिता का भी सघन प्रषिक्षण तथा कौषल प्राप्त करेगें जिससे न सिर्फ सरकारी नौकरी पर निर्भरता कम होगी वरन स्वःरोजगार के साथ ही षुद्ध खाद्य श्रृंखला व खाद्य सुरक्षा भी बढ़ेगी। कोरोना महामारी के समय में पशुधन के इस महत्व को बहुत गूढता से समझा गया है। दैषी गोवंश, राठी, थारपारकर, साहीवाल, गिर, कांकरेज, मालवी के सरंक्षण व सवंर्द्धन में भी कार्यरत है एवं नित नए नवाचार व अनुसंधान कर रहा है। कुलपति प्रो. शर्मा ने बताया कि राष्ट्र के प्रत्येक राज्य में कृषि विज्ञान केन्द्र स्थित है, किन्तु यह राजस्थान राष्ट्र का एक मात्र राज्य है जिसके 15 जिलों में पशु विज्ञान केंन्द्रों की स्थापना की गई है। इस पशु विज्ञान केन्द्र के द्वारा ग्रामीणों को पषुपालकों को विश्वविद्यालय, द्वारा विकसित तकनीक व नवाचारों की लगातार प्रषिक्षण उपलब्ध कराया जाता है, व इस श्रृंखला के माध्यम से विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का आखिरी छोर पर खड़े पषुपालक तक सम्पर्क स्थापित रहता है। समारोह के प्रारंभ में कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के प्रो. बी.आर. चौधरी ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने सभी का आभार जताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में ऊर्जा मंत्री बी.डी. कल्ला, उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी एवं विधायकगण सूर्यकान्ता व्यास, सूरसागर (जोधपुर), रीटा चौधरी, मण्डावा (झुंझुनूं), गणेष डोगरा, डूंगरपुर, कन्हैयालाल, अविकानगर (टोंक), अभिनेष महर्षि, रतनगढ़ (चूरू), भोपालगढ़, जोधपुर के पुखराज, सहित संबंधित जिलों के जिला कलेक्टर, राज्य के पशुपालन एवं कृषि विभाग के उच्चाधिकारी, वेटरनरी विश्वविद्यालय के डीन-डायरेक्टर, अधिकारीगण, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने ऑनलाइन शिरकत की।