विश्व जूनोसिस दिवस पर वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन

बीकानेर, 06 जुलाई। विश्व जूनोसिस दिवस पर वेटरनरी विश्वविद्यालय के संघटक स्नातकोत्तर पशुचिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, जयपुर द्वारा ’’कोविड-19ः जूनोसिस से निपटने के लिय हम यहाँ से कहा जाये’’ विषय पर अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में 11 देशों के चार हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रो. संजीता शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा विशिष्ट अतिथियों और वक्ताओं की सम्पूर्ण जानकारी साझा की। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल (प्रो.) विष्णु शर्मा ने वेबिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड जैसे जूनोटिक रोगों से लड़ने के लिये हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाना होगा जो कि शुद्ध पशु प्रोटीन के माध्यम से सम्भव हो सकता है। उन्होंने जूनोटिक रोगों के प्रसारण श्रृंखला को तोड़ने में पशुचिकित्सकों की भूमिका को अहम् बताया तथा इसे एक अवसर के रूप में लेने पर जोर दिया। ओ.आई.ई. के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय प्रतिनिधी डॉ. किनजेंग दुक्पा ने आने वाले समय में महामारियों की रोकथाम में ओ.आई.ई. की भूमिका पर चर्चा की। आई.एल.आर.आई. के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय प्रतिनिधी डॉ. एच. रहमान ने जूनोटिक बीमारियों की प्रभावी रोकथाम के लिये पशुचिकित्सा, मेडिकल साइंस और पर्यावरण विज्ञान को मिलकर प्रयास करने पर जोर दिया। भारतीय पशुचिकित्सा परिषद् के अध्यक्ष डॉ. उमेश चन्द शर्मा ने जूनोटिक बीमारियों की रोकथाम के लिये आई.सी.वी.आर. के निर्माण पर जोर दिया जिससे इस क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सकें। उन्होंने पशुचिकित्सकों को जूनोटिक रोगों के बारे में प्रशिक्षित करने को भी महत्वपूर्ण बताया। राजुवास के पूर्व कुलपति एवं राज्यपाल सलाहकार परिषद् के सदस्य प्रो. ए.के. गहलोत ने वेटरनरी पब्लिक हेल्थ को नेशलन हेल्थ मिशन का अंग बनाने की बात कही तथा जूनोटिक रोगों की रोकथाम के लिये विशिष्ट तकनीकों जैसे रिमोट सेन्सिंग, जी.आई.एस. आदि का उपयोग करने की भी सलाह दी। डब्ल्यू.एच.ओ. की डॉ. बर्नादेते अबेला-राईडर ने उभरते जूनोटिक रोगों की रोकथाम में डब्ल्यू.एच.ओ. की रणनीति के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। आई.सी.ई.आर.-निवेदी के डॉ. जे. हीरामठ ने मनुष्यों में कोरोना वायरस के प्रसार में पशुओं की भूमिका के बारे में बताया। आई.वी.आर.आई. के डॉ. एस.वी.एस. मलिक ने जूनोसिस की रोकथाम में एकल स्वास्थ्य विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। एन.ए.वी.एस. के अध्यक्ष डॉ. डी.वी.आर. प्रकाश राव ने जूनोटिक बीमारियों को आर्थिक बोझ बताया तथा बढ़ते शहरीकरण को जूनोटिक बीमारियों का महत्वपूर्ण कारण बताया। आयोजन सचिव प्रो. डी.एस. मीणा ने प्रारंभ में विषय प्रवर्तन किया तथा जूनोटिक रोगों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक प्रो. हेमन्त दाधीच ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा डॉ. बरखा गुप्ता ने वेबिनार का संचालन किया। इस वेबिनार में एलेम्बिक फार्मा आई.टी. पार्टनर था।