महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद का ’जिला ग्रीन चैंपियन पुरस्कार’ वेटरनरी विश्वविद्यालय को

बीकानेर, 24 अगस्त। भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद का ’जिला ग्रीन चैंपियन पुरस्कार’ राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय को प्राप्त हुआ है। मंगलवार को कलक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित वीडियो कांफ्रेंस के दौरान जिला कलक्टर नमित मेहता ने राजुवास के कुलपति प्रो. सतीश के गर्ग को यह पुरस्कार प्रदान किया। विश्वविद्यालय को स्वच्छता एक्शन प्लान के अंतर्गत समितियों के गठन और सैनिटेशन, हाइजीन, वेस्ट मैनेजमेंट, वाटर मैनेजमेंट, एनर्जी मैनेजमेंट और ग्रीनरी मैनेजमेंट में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर जिला कलक्टर मेहता ने कहा कि राजुवास को मिला यह पुरस्कार जिले के लिए गर्व का विषय है। विश्वविद्यालय द्वारा स्वच्छता और इससे सम्बद्ध विषयों पर बेहतर कार्य किया गया। उन्होंने कहा उच्च शैक्षणिक संस्थानों में ऐसी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा अच्छी पहल है। यह दूसरों के लिए अनुकरणीय होगी। ऐसे संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता के प्रति चेतना के प्रयास करें। ऐसी गतिविधियों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी होगी तो इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि ओडीएफ के साथ जिले में शुरू हुई स्वच्छता की मुहिम अब गति पकड़ चुकी है। आज ठोस कचरा प्रबंधन, बरसाती जल संरक्षण और ग्रीन केम्पस की दिशा में भी श्रेष्ठ कार्य हो रहे हैं। जिले में टीम भावना के साथ इस दिशा में और अधिक बेहतर तरीके से कार्य करने के प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने कुलपति को यह पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान कुलसचिव अजीत सिंह राजावत एवं प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. राजेश कुमार धूड़िया मौजूद रहे। इस अवसर पर कुलपति प्रो. गर्ग ने कहा कि वेटरनरी विश्वविद्यालय को जिला ग्रीन चैंपियन सर्टिफिकेट मिलना वेटरनरी विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। अब हमें रचनात्मक सोच और ठोस उपलब्धियों की स्थिरता के लिए एक मजबूत नींव के साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद् की इस पहल को आगे बढ़ाना होगा। स्वच्छ और हरित परिसर के लिए स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं पर संस्थानों को मार्गदर्शन प्रदान करना, छात्रों में स्वच्छता कौशल का निर्माण करना और स्वच्छ परिसरों को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता होगी। स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, जल प्रबंधन, हरित आवरण और ऊर्जा सरंक्षण के मामले में वेटरनरी विश्वविद्यालय अन्य संस्थानों के लिए अनुकरणीय है, जो शैक्षिक उद्देश्य के लिए अपनी पहल के अलावा राष्ट्रीय विकास के लिए प्रमुख आवश्यकता है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद् द्वारा स्वच्छता एक्शन प्लान पर आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में राजुवास के पूर्व कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने पर्यावरण स्वच्छता कीे महत्तता के साथ वन हेल्थ संकल्पना पर प्रकाश डाला तथा इस दिशा में किये जा सकने वाले सभी बिन्दुओं पर चर्चा की। कार्यशाला में बीकानेर स्थिति उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रिंसिपल व अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रो. आर.के. सिंह, अधिष्ठाता, वेटरनरी कॉलेज, बीकानेर, प्रो. संजीता शर्मा, अधिष्ठाता पी.जी.आई.वी.ई.आर. जयपुर, प्रो. राजीव कुमार जोशी, अधिष्ठाता, वेटरनरी कॉलेज, नवानिया, उदयपुर सहित विश्वविद्यालय के डीन-डायरेक्टर्स की भी कार्यशाला में सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन श्री असीत कुमार, प्रोग्राम कॉर्डिनेटर, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद् ने किया। कार्यक्रम के अन्त में प्रो. आर. के. धूड़िया, निदेशक प्रसार शिक्षा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।