पी.जी.आई.वी.ई.आर., जयपुर द्वारा “पशुचिकित्सा जीनोमिक्स और जैव सूचना विज्ञान-पशुचिकित्सा स्नातकों के लिये करियर विकल्प“ विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन

जयपुर, 03 सितम्बर। स्नातकोत्तर पषुचिकित्सा षिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पी.जी.आई.वी.ई.आर.), जयपुर के पषुधन नवाचार, ज्ञान और उद्यमिता कौषल केन्द्र द्वारा शुक्रवार को “पशुचिकित्सा जीनोमिक्स और जैव सूचना विज्ञान-पशुचिकित्सा स्नातकांे के लिये करियर विकल्प“ विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार के प्रारंभ में संस्थान की अधिष्ठाता प्रो. (डाॅ.) संजीता शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय मंे वेबिनार का विषय अत्यन्त ही महत्वपूर्ण है। वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए प्रो. (डाॅ.) सतीश कु. गर्ग, कुलपति, राजुवास ने कहा कि यह वेबिनार पशुचिकित्सा स्नातकों को जैव सूचना विज्ञान को करियर के रूप में अपनाने में प्रेरित करेगा। उन्होंने बताया कि आज-कल विभिन्न क्षेत्रों जैसे वैक्सीन बनाने, एन्टीमाईक्रोबियल रेजिस्टेंस का अध्ययन करने आदि में इसका उपयोग किया जा रहा है। राजुवास के पूर्व कुलपति एवं राज्यपाल सलाहकार परिषद् के सदस्य प्रो. (डाॅ.) ए.के गहलोत ने म्यूटेशन के द्वारा आनुवंशिक सामग्री में परिवर्तन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जूनोटिक रोगों की रोकथाम के लिये जैव सूचना विज्ञान के उपयोग पर अपने विचार व्यक्त किये। वेबिनार के मुख्य वक्ता डाॅ. चिरायु गोस्वामी, वरिष्ठ निदेशक, बायोइनफोर्मेटिक सर्विसेज, इनफिनीटी बायलोजिक्स, यू.एस.ए. ने जैव सूचना विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के दौरान उनके मार्गदर्शन में 80 लाख से ज्यादा कोविड जाँच किये गये। आने वाले समय में जैव सूचना विज्ञान का बहुत अच्छा भविष्य है। उन्होंने इस क्षेत्र को करियर के रूप में अपनाने में अपना मार्गदर्शन दिया। वेबिनार के अन्त में प्रो. (डाॅ.) राजेश कुमार धूड़िया, पी.आई., एन.ए.एच.ई.पी., राजुवास ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। वेबिनार का संचालन डाॅ. अशोक बैंधा तथा डाॅ. रश्मि सिंह ने किया।