गोमूत्र से कीट नियंत्रक व गोबर खाद बनाने का एमओयू वेटरनरी विश्वविद्यालय व राजस्थान गो सेवा परिषद मिलकर करेंगे काम

बीकानेर, 6 जुलाई। बीकानेर वेटरनरी विश्वविद्यालय और राजस्थान गो सेवा परिषद गोबर एवं गोमूत्र से आमदनी प्राप्त करने के लिए प्रदेशभर के पशुपालकों को गोबर से खाद व गोमूत्र से किट नियंत्रक बनाने का प्रशिक्षण देंगे। इस आशय का एमओयू कुलपति डॉ विष्णु शर्मा के सानिध्य में वेटरनरी विश्वविद्यालय एवं गो सेवा परिषद् के मध्य किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने बताया कि वेटरनरी विश्वविद्यालय अपने पशु विज्ञान केन्द्रों, पशुधन अनुसंधान केन्द्रों एवं महाविद्यालयों के द्वारा गौमूत्र एवं गोबर के उपयोग की विकसित पारंपरिक तकनीकों एवं ज्ञान को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से यथासंभव पशुपालकों तक प्रसारित करने का कार्य करेगा। इस एमओयू के तहत चरणबद्ध रूप से प्रदेश के पशुपालकों में इस क्षेत्र के प्रति जागरुकता, उत्पादन और विपणन प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके साथ ही भविष्य में गो सेवा परिषद्, बीकानेर एवं वेटरनरी विश्वविद्यालय के पशुधन अनुसंधान केन्द्रों पर साझा अनुसंधान की योजनाओं पर पारस्परिक सहमति से कार्य करेंगे। यह विश्वविद्यालय का भी उद्देश्य है कि पशुपालक आर्थिक रूप से समृद्ध बने। इस अवसर पर परिषद के गजेंद्र सिंह सांखला ने परिषद के उद्देश्यों ओर कार्यों की जानकारी दी। एमओयू पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर कर पत्रावली का आदान प्रदान किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. राजेश कुमार धूड़िया, निदेशक मानव संसाधन विकास प्रो. त्रिभुवन शर्मा, परिषद के अध्यक्ष हेम शर्मा, सचिव अजय पुरोहित, उपाध्यक्ष रिद्धकरण सेठिया, राजेश बिन्नानी, मन्नू बाबू सेवग, उपस्थित रहे।