स्वदेशी नस्लों के संरक्षण विषय पर वेटरनरी विश्वविद्यालय में 21 दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण संपन्न : देशी नस्ल के पशुओं के संरक्षण एवं उन्नयन पर ध्यान देने की आवश्यकता: विधायक कृष्णा पूनिया

क्रमांक 332                                                                                                                25 नवम्बर, 2019

स्वदेशी नस्लों के संरक्षण विषय पर वेटरनरी विश्वविद्यालय
में 21 दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण संपन्न
देशी नस्ल के पशुओं के संरक्षण एवं उन्नयन पर
ध्यान देने की आवश्यकता: विधायक कृष्णा पूनिया

बीकानेर, 25 नवम्बर। वेटरनरी विश्वविद्यालय में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित 21 दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण सोमवार को संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण में विभिन्न राज्यों से आए 17 सहायक प्रोफेसर सम्मिलित हुए। समापन सत्र की मुख्य अतिथि माननीय विधायक, सादुलपुर एवं पद्म श्री एवं अर्जुन अवार्ड पुस्कार प्राप्तकर्ता डाॅ. कृष्णा पूनिया ने प्रषिक्षार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें आज के परिवेष में देशी पशुओं के संरक्षण एवं उनके रखरखाव की तरफ ध्यान देने की नितांत आवश्यकता है यह हमारे प्रदेश की धरोहर है। ग्रामीण परिवेष में देशी नस्ल के पशु ही कृषि एवं पशुपालन से आजीविका का मुख्य आधार है अतः युवाओं को पशुपालन संबंधित रोजगारोन्मुखी व्यवसाय को अपनाना चाहिए। उन्होने वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे राज्य की देशी नस्लों के रखरखाव एवं उन्नयन कार्यों पर प्रसन्नता जताई। मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण पुस्तिका “पशुधन की स्वदेशी नस्लों के संरक्षण से सम्बधित वर्तमान स्थिति, उभरते हुए मुद्दे और भविष्य का परिदृष्य” का विमोचन भी किया। वेटरनरी काॅलेज के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एस.सी. गोस्वामी ने स्वागत भाषण में देशी पशुधन नस्लों की विशेषताओं व उपयोगिता तथा वेटरनरी विश्वविद्यालय में इस क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी। प्रशिक्षण समन्वयक प्रो. विजय कुमार ने बताया कि 21 दिवसीय प्रशिक्षण में 60 विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान और डेमो प्रस्तुत किये गए। प्रायोगिक कार्य के रूप में वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय उष्ट्र, भेड़, अश्व अनुसंधान केन्द्रों एवं विश्वविद्यालय के पशुधन अनुसंधान केन्द्र चांदन, बीकानेर, बीछवाल और कोड़मदेसर के भ्रमण के अलावा वेटरनरी विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में कार्य प्रणाली का अवलोकन किया। इस अवसर पर अतिथियों ने सभी प्रशिक्षर्णािर्थयों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये। वेटरनरी विष्वविद्यालय के कुलसचिव अजीत सिंह, वेटरनरी काॅलेज अधिष्ठाता प्रो. राकेश राव, प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. ए.ए. गौरी, निदेशक अनुसंधान प्रो. आर.के. सिंह, डीन पी.जी.एस. प्रो. ए.के. कटारिया, पी.एम.ई. निदेशक प्रो. अन्जु चाहर, विशेषाधिकारी प्रो. आर.के. धूड़िया, प्रो. गोविन्द सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुनिल मेहरचन्दानी एवं निदेशक (कार्य) एम. राम कार्यक्रम में उपस्थित थे। प्रो. हेमन्त दाधिच ने कार्यक्रम का संचालन किया। डाॅ. अरूण झीरवाल प्रशिक्षण के संह-समन्वयक थे। वेटरनरी काॅलेज के अधिष्ठाता प्रो. राकेष राव ने सभी आगुंतकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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