कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री सैनी द्वारा पशुचिकित्सा महाविद्यालय (पी.जी.आई.वी.ई.आर.) जयपुर के नवनिर्मित मुख्य भवन का लोकार्पण

क्रमांक 90                                                                                                                          5 सितम्बर, 2018

कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री सैनी द्वारा पशुचिकित्सा महाविद्यालय
(पी.जी.आई.वी.ई.आर.) जयपुर के नवनिर्मित मुख्य भवन का लोकार्पण

बीकानेर, 5 सितम्बर। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एंव मत्स्य मंत्री श्री प्रभुलाल सैनी ने बुधवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय के संघटक स्नातकोत्तर पशुचिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान जयपुर के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आदर्श नगर क्षेत्र के विधायक श्री अशोक परनामी और पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री खेमराज भी लोकार्पण समारोह में सम्मिलित हुए। समारोह की अध्यक्षता वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डाॅ.) विष्णु शर्मा ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कृषि एवं पषुपालन मंत्री श्री सैनी ने अपने सम्बोधन में माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार श्रीमती वसुन्धरा राजे का आभार जताते हुए कहा कि उनकी परिकल्पना के कारण इस महाविद्यालय का शुभारंभ हो सका है। उन्होंने बहुत ही कम समय में इतने सुन्दर भवन के निर्माण के लिये विश्वविद्यालय को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य षिक्षा अर्जित करने के साथ ही जीवन निर्वाह करने की पद्धतियों को भी समझना है। विद्यार्थी जीवन में कभी भी रिटेक का मौका नहीं मिलता है। श्री सैनी ने कहा कि शिक्षकों के हाथ में निर्माण और विनाश दोनों होते हंै। जिनसे हमें सीखने को मिले वो हमारे गुरू होते हैं। षिक्षा के साथ-साथ हमे संस्कारवान भी बनना है। हमें जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करके सही रास्ते पर चलकर रास्ता बनाना भी आना चाहिए। राजुवास ने स्वदेशी गौवंष के क्षेत्र में जो उल्लेखनीय कार्य किए हैं वे बहुत ही सराहनीय हैं। हमें पशुपालन के क्षेत्र में नित नयेे कार्य करने हैं तथा पशुधन उत्पादन में वृद्धि कर प्रदेश को पशुपालन के क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में लाना है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए राजुवास के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने अपने स्वागत भाषण में सभी आगन्तुकों का स्वागत करते हुए कहा कि आज इस शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर इस महाविद्यालय के मुख्य भवन का लोकार्पण होना एक संयोग है। उन्होंने बताया कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान तथा प्रसार के कार्यो में अग्रणी है तथा राजुवास का यह महाविद्यालय राजधानी में स्थित होने के कारण बहुत महत्वपूर्ण है तथा भविष्य में यह राज्य में ही नहीं अपितु पूरे देश में अपनी पहचान बनायेगा। पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री खेमराज ने अपने सम्बोधन में कहा कि शिक्षा ही समाज एवं देश को आगे बढ़ाता है। पशुचिकित्सा शिक्षा समाज के कमजोर तबके से जुड़ा होने के कारण प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। पी.जी.आई.वी.ई.आर., की अधिष्ठाता प्रो. (डाॅ.) संजीता शर्मा ने सभी आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में राजुवास के डीन-डाॅयरेक्टर एवं अधिकारीगण, पशुपालन विभाग के अधिकारी, पी.जी.आई.वी.ई.आर. के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारी तथा विद्यार्थी मौजूद थे।

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