सुराज प्रदर्शनी राजुवास द्वारा पशुपालन में नवीन तकनीक और नवाचारों का प्रदर्शन

क्रमांक 713                                                                         15 दिसम्बर, 2016

सुराज प्रदर्शनी
राजुवास द्वारा पशुपालन में नवीन तकनीक और नवाचारों का प्रदर्शन

बीकानेर, 15 दिसम्बर। राज्य सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में मेडिकल काॅलेज मैदान में आयोजित सुराज मेले में वेटरनरी विष्वविद्यालय की प्रदर्षनी में पषुचिकित्सा षिक्षा और पषुपालन की विभिन्न तकनीक और नवाचारों को सैकडों दर्षकों ने अवलोकन कर जानकारी प्राप्त की है। वेटरनरी विष्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने बताया कि सात दिन चलने वाली प्रदर्षनी में कम पानी और वैज्ञानिक रीति-नीति से पषुआहार के चारे उत्पादन की अजोला और हाइड्रोपोनिक्स तकनीक में कृषक और पषुपालक भारी रूचि ले रहे हैं। प्रदर्षनी में राज्य की विख्यात देषी पषुधन राठी, थारपारकर, साहीवाल, कांकरेज, मालवी और गिर नस्लों के पषुओं के भव्य माॅडल और विषेषताओं को लेकर जनमानस में गहरी रूचि और जागरूकता है। वैज्ञानिकों द्वारा तैयार मुर्गी की नई प्रजाति “राजुवास स्ट्रेन” और टर्की के सजीव माॅडल भी यहां देखे जा सकते हैं। वेटरनरी विष्वविद्यालय द्वारा पषुचिकित्सा षिक्षा और पषुपालन के क्षेत्र में गत तीन वर्षों के कार्यों को रंगीन फ्लेक्स के माध्यम से दर्षाया गया है। प्रदर्षनी स्टाॅल में भेड़- बकरी की ऊन से निर्मित सामग्री और पौष्टिक पषु आहार के बारे में जानकारी दी जा रही है। पषुपालकों के उपयोगी वीडियो फिल्म का भी प्रदर्षन किया जा रहा है। प्रदर्षनी संचालन में विष्वविद्यालय के प्रसार षिक्षा निदेषक प्रो. आर.के. धूड़िया के नेतृत्व में वैज्ञानिकों का दल दर्षकों को जानकारी दे रहे है।
पषुपालकों से संवाद शनिवार को होगा
17 दिसम्बर को मेले में प्रगतिषील कृषकों और पषुपालकों से वैज्ञानिक संवाद और व्याख्यान का आयोजन प्रातः 11 बजे किया जाएगा। व्याख्यान में पषुओं की बीमा और पषुपालन में नवीन तकनीक और नवाचारों बाबत जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी जाएगी।

समन्वयक
जनसम्पर्क प्रकोष्ठ