संभाग के गौशाला प्रबंधकों का प्रशिक्षण संपन्न विश्वविद्यालय के ज्ञान और सेवाओं का पूरा लाभ उठाएं: पूर्व कुलपति डाॅ. मेहता

क्रमांक 357                                                                                                              13 दिसम्बर, 2019

संभाग के गौशाला प्रबंधकों का प्रशिक्षण संपन्न
विश्वविद्यालय के ज्ञान और सेवाओं का पूरा लाभ
उठाएं: पूर्व कुलपति डाॅ. मेहता

बीकानेर, 13 दिसम्बर। वेटरनरी विश्वविद्यालय में गोपालन निदेशालय के सहयोग से संभाग के गौशाला प्रबंधकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हो गया। कुलपति सचिवालय में आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ. एस.एल. मेहता, विशिष्ट अतिथि कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर के निदेशक डाॅ. एस.के. सिंह और विशिष्ट अतिथि राजुवास के पूर्व कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने संभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर डाॅ. एस.एल. मेहता, ने कहा कि गौसेवा अतुलनीय सेवा कार्य है। विश्वविद्यालय सेवा और ज्ञान के मंदिर है अतः गौशालाओं को इसका पूरा फायदा उठाना चाहिए। किसानों की आजीविका सुरक्षा पशुपालन से ही संभव है। देषी गौवंश के महत्व को विश्व में भी मान्यता मिली है। अटारी के निदशक डाॅ. एस.के. सिंह ने कहा कि पशु अनुत्पादक नहीं होता, इनके हर उत्पाद की उपयोगिता को सुनिश्चित किया जाए। राजुवास के पूर्व कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने कहा कि वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा 14 जिलों में स्थापित प्रषिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्रों पर पशुपालन विशेषज्ञ और रोग निदान सेवाएं सुलभ हैं, गौशालाओं को इसका लाभ उठाना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता करते हुए वेटरनरी विश्वविद्यालय के प्रो. विष्णु शर्मा ने कहा कि देशी गौवंष के संवर्द्धन और संरक्षण के लिए वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा गोपालन विभाग के सहयोग से गौशाला प्रबंधकों के प्रशिक्षण आयोजित करके प्रबंधन, पशु उपचार की आधुनिक तकनीक, स्वास्थ्य व संतुलित आहार की विशेषज्ञ जानकारी दी जा रही है। कुलपति के विशेषाधिकारी और प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्रों के प्रमुख अन्वेषक प्रो. आर.के. धूड़िया ने केन्द्रों की सेवाओं की जानकारी दी। प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. ए.ए. गौरी ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. अतुल शंकर अरोड़ा ने किया।

सह-समन्वयक
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