वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा विज्ञान के अनुसंधान और शिक्षा में डिजाईन थिकिंग विषय पर केपसिटी बिलडींग कार्यक्रम का समापन

वेटरनरी विश्वविद्यालय में
पशु चिकित्सा विज्ञान के अनुसंधान और शिक्षा में
डिजाईन थिकिंग विषय पर केपसिटी बिलडींग कार्यक्रम का समापन

बीकानेर, 27 मार्च। स्नातकोत्तर पशु चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, जयपुर और पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, उदयपुर के लाइक्स सेन्टर एवं राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंध अकादमी (नार्म), हैदराबाद द्वारा आयोजित “पशु चिकित्सा विज्ञान के अनुसंधान और शिक्षा में डिजाईन थिकिंग” विषय पर दिनांक 22-27 मार्च, 2021 तक (छः दिवसीय) केपसिटी बिलडींग कार्यक्रम का आज समापन हुआ। समापन कार्यक्रम का संचालन डॉ. थामी राजु, प्रधान वैज्ञानिक, नार्म हैदराबाद ने किया व छः दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विषयों जैसे डिजाईन थिकिंग, सुक्ष्म शिक्षण, शिक्षण प्रबंधन, वरियता निर्धारण, अनुसंधान परिकल्पना व उद्देश्यों का स्पष्टीकरण, सकारात्मक सोच, अभिप्रेरणा व मनोदृष्टि के साथ पशुपालन का भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान, पशुपालन नीतियां, विपणन संभावनाऐं व जलवायु परिवर्तन का पशुपालन पर प्रभाव विषय पर सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक व्याख्यान दिये गये। डॉ. एस.के. सोम, कार्यक्रम निर्देशक, नार्म हैदराबाद ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण संकाय सदस्यों के शिक्षण अनुसंधान व व्यक्तिगत सुधार में अहम योगदान देगा। प्रो. विष्णु शर्मा, कुलपति राजुवास ने अपने उदबोधन में कहा कि यह प्रशिक्षण तकनीकी व व्यक्तिगत विकास में महत्वपूर्ण भुमिका निभायेगा तथा प्रशिक्षणार्थियों के उन्नत शिक्षण व अनुसंधान द्वारा समाज के कल्याण में योगदान देगा। प्रो. त्रिभुवन शर्मा, प्रधान अन्वेषक, नाहिप प्रोजेक्ट ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण यह कार्यक्रम ऑनलाईन प्लेटफार्म के द्वारा किया गया। उन्होने कहा कि डिजाईन थिकिंग ज्ञान व उसकी उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा तथा प्रशिक्षणार्थियांे से प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान को दैनिक जीवन में उपयोग लाने का आह्वान किया। डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव, निदेशक नार्म, हैदराबाद ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षणार्थियों में सकारात्मक सोच, आत्म-विश्वास व कार्य-क्षमता को बढ़ाने में उपयोगी सिद्ध होगा। इस कार्यक्रम में प्रो. एस.के.शर्मा, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. रश्मि सिंह व डॉ. अशोक बैंधा ने कार्यक्रम समन्वयक की भुमिका निभायी। डॉ. रश्मि सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 विषयों के 49 प्रशिक्षणार्थी/संकाय सदस्यों ने भाग लिया।