वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशुआपदा प्रबंधन पर रेस्पांस फोर्स के 18 जवानों की मास्टर्स ट्रेनिंग

क्रमांक 60                                                                                                                       30 जून, 2018

वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशुआपदा प्रबंधन पर रेस्पांस फोर्स के 18 जवानों की मास्टर्स ट्रेनिंग शुरू

बीकानेर, 30 जून। राजुवास के पशु आपदा, प्रबंधन तकनीक केन्द्र में राज्य की आपदा रेस्पांस फोर्स के 18 कांस्टेबल की मास्टर्स ट्रेनिंग का 10 दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार से प्रारंभ हो गया। इस अवसर पर वेटरनरी काॅलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने जवानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन के इस विशिष्ट प्रशिक्षण से आपको आपदाओं से पशुओं को बचाने और तत्कालिक उपचार में दक्षता हासिल होगी। आपको अन्य जवानों को भी तैयार करना होगा। विशिष्ट सेवाओं और कार्याें से मानव जीवन पशुधन और देश की संपदा को बचाने की आपकी महती जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण  से आपकी क्षमताओं का विकास होगा। मुख्य अतिथि बीछवाल थाने के पुलिस वृत निरीक्षक श्री धीरेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस जवानों को विशेषज्ञता हासिल करना जरूरी है। आपदाओं की स्थिति में कीमती पशुधन का बचाव और राहत भी हमारी प्राथमिकता में शामिल है। प्रशिक्षण कार्यक्रम जवानों को बेहतर तरीके से पशुधन संपदा को बचाने और राहत पहुँचाने में मददगार साबित होगा। राजुवास के पशुआपदा प्रबंधन तकनीक केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक और प्रशिक्षण के संयोजक डाॅ. प्रवीण बिशनोई ने बताया कि राज्य रेस्पांस फोर्स के 54 जवानों को पशु आपदा प्रबंधन के सघन प्रशिक्षण के बाद 18 जवानों को मास्टर्स ट्रेनिंग के लिए पहला प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। डाॅ. टी.के. गहलोत ने भी संभागियों को सम्बोधित किया। अरबन होमगार्ड के कमांडेन्ट जी.एस. नरूका और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सुभाष गोस्वामी समारोह में मौजूद थे। प्रशिक्षण के सहप्रभारी डाॅ. एस.के. झीरवाल ने बताया कि पशुचिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा आपदा प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों और प्राथमिक उपचार पर व्याख्यान और प्रायोगिक पक्षों की जानकारी दी जाएगी।

निदेशक