वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशुओं के आपदा प्रबंधन पर स्टेट रिस्पांस फोर्स के 27 जवानों का पहला प्रशिक्षण सम्पन्न

क्रमांक 28                                                                                                                 7 जून 2018

वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशुओं के आपदा प्रबंधन पर स्टेट
रिस्पांस फोर्स के 27 जवानों का पहला प्रशिक्षण सम्पन्न

बीकानेर, 7 जून। वेटरनरी विश्वविद्यालय में राज्य आपदा रिस्पांस फोर्स के 27 जवानों का पशु आपदा प्रबंधन पर 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरूवार को संपन्न हो गया। राजुवास के पशु आपदा प्रबंधन तकनीक केन्द्र के सभागार में समापन समारोह के मुख्य अतिथि वेटरनरी काॅलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने संभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कहा कि राज्य आपदा रिस्पांस फोर्स आपदा प्रभावित लोगों और पशुओं को तत्काल राहत पहुँचाने का एक मिषन है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली जान-माल की हानि से देष की जीडीपी प्रभावित होती है। वेटरनरी विष्वविद्यालय कीमती पशुधन को आपदाओं से बचाव के लिए फोर्स के जवानों को तकनीकी मार्गदर्षन और सहयोग के लिए सदैव तैयार है। प्रषिक्षण के दौरान दिये गए विशेषज्ञों के व्याख्यान और तकनीकों को पुस्तिका रूप में प्रकाषित कर उपलब्ध करवाया जाएगा। विषिष्ट अतिथि राजुवास के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एस.सी. गोस्वामी ने कहा कि राजुवास में फोर्स के जवानों का पहला प्रशिक्षण है। पशुधन और लोगों के जान-माल की सुरक्षा का जिम्मा एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, आमजन को इससे बड़ी अपेक्षाएं हैं। सदर थाने के वृत्त पुलिस निरीक्षक ऋृषिराज सिंह ने कहा कि बाढ़, अग्निकांड जैसी आकस्मिक आपदा फोर्स के जवानों के समक्ष एक चुनौती रूप में आती है। उन्होंने कहा कि जवानों को सेवा के साथ-साथ अपने हौसलों से पुनीत कार्य करने का अवसर मिला है। प्रषिक्षण के प्रभारी पशु आपदा प्रबंधन तकनीक केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक डाॅ. प्रवीण बिष्नोई ने बताया कि 10 दिन में जवानों को प्रतिदिन 4 विशेषज्ञ वार्ताओं के साथ-साथ पीड़ित पशुओं के प्राथमिक उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। फोर्स के जवानों के दो बैच को और प्रषिक्षित किया जाएगा। पशु शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डाॅ. टी.के. गहलोत ने भी संभागियों को सम्बोधित किया। केन्द्र के सह-अन्वेषक डाॅ. एस.के. झीरवाल ने सभी का आभार जताया।

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