वेटरनरी विश्वविद्यालय में राज्य आपदा रेस्पांस फोर्स के 27 जवानों का प्रशिक्षण प्रारम्भ पशु आपदा एक चुनौती हैः जिला पुलिस अधीक्षक गोदारा

क्रमांक 24                                                                                                          29 मई, 2018

वेटरनरी विश्वविद्यालय में राज्य आपदा रेस्पांस फोर्स के
27 जवानों का प्रशिक्षण प्रारम्भ
पशु आपदा एक चुनौती हैः जिला पुलिस अधीक्षक गोदारा

बीकानेर, 29 मई। वेटरनरी विश्वविद्यालय में राज्य आपदा रेस्पांस फोर्स के 27 जवानों का पशु आपदा प्रबंधन पर 10 दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार से शुरू हो गया। राजुवास के पशु आपदा प्रबंधन तकनीक केन्द्र के सभागार में प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा ने कहा कि आपदा अब प्राकृतिक नीयती नहीं जागरूक समाज का ज्वलंत मुद्दा भी है। विकसित राष्ट्र की अवधारणा में पशु आपदा एक चुनौती रूप में है। आपदा पीड़ित पशुओं से मानव समाज सीधे तौर पर प्रभावित होता है अतः इनसे निपटने और दुष्प्रभावों को कम किया जाना जरूरी है। राज्य आपदा रिस्पांस फोर्स की बटालियन के जवानों ने अपने हुनर और संसाधनों से अच्छा कार्य किया है। जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अनुत्पादक और घूमंतू पशुओं के कारण राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं में 20 फीसदी जन हानि के कारण बनते हंै। पशु जनित आपदाओं पर भी ध्यान देना होगा। लोक प्रशासन संस्थान बीकानेर के अतिरिक्त निदेशक शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को दक्ष बनाया जा रहा है। राजुवास पशु आपदा प्रबंधन तकनीक केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक और प्रशिक्षण प्रभारी डाॅ. प्रवीन बिश्नोई ने बताया कि प्रशिक्षण में राज्य के कई जिलों से आये रेस्पांस फोर्स के 27 जवानों को पशु आपदा के प्रबंधन, प्राथमिक चिकित्सा सहित सभी पहलुओं का 10 दिन तक सघन प्रषिक्षण दिया जाएगा। विषेषज्ञों द्वारा व्याख्यान के साथ ही प्रायोगिक कार्यों का प्रदर्शन भी होगा। केन्द्र द्वारा तीन अलग‘अलग बैच में 72 जवानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। क्लिनिक्स के पूर्व निदेशक डाॅ. टी.के. गहलोत ने भी संभागियों को संबोधित किया। केन्द्र के सह-अन्वेषक डाॅ. एस.के. झीरवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजुवास के डीन-डायरेक्टर और फैकल्टी सदस्यगण मौजूद थे।

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