वेटरनरी विश्वविद्यालय में श्रीगंगानगर के 50 कृषकों ने पशुपालन तकनीकों की ली जानकारी

क्रमांक 1723                                                                                           7 सितम्बर, 2017

वेटरनरी विश्वविद्यालय में श्रीगंगानगर के 50 कृषकों ने पशुपालन तकनीकों की ली जानकारी

बीकानेर, 7 सितम्बर। कृषि विभाग की ’आत्मा’ परियोजना के तहत श्रीगंगानगर जिले के 50 कृषक-पशुपालकों के दल ने गुरूवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय का भ्रमण कर पशुचिकित्सा सेवाओं, रोग निदान उपायों और पशुपालन की आधुनिक तकनीकों का अवलोकन कर जानकारी ली। प्रसार विभाग के सहायक प्राध्यापक डाॅ. नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि कृषक दल ने जैव विविधिकरण सजीव म्यूजियम, डेयरी फार्म, पोल्ट्री और राजुवास म्यूजियम का अवलोकन कर पशु-पक्षियों के पालन की आधुनिक तकनीक की जानकारी ली। राजुवास क्लिनिक्स में डाॅ. जे.पी. कच्छावा ने विभिन्न पशु रोगों की रोकथाम और उपचार उपायों के बारे में बताया। डाॅ. संजय ने पोल्ट्री फार्म में पशु-पक्षियों के वैज्ञानिक रखरखाव और पालन की तकनीकों के बारे में जानकारी दी। कृषकों ने राजुवास के पशुधन अनुसंधान केन्द्र में राठी नस्ल की गायों के प्रजनन और संवर्द्धन उपायों को देखा। दल के प्रभारी सहायक कृषि अधिकारी नानूराम शर्मा उनके साथ थे।

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