वेटरनरी विश्वविद्यालय में 100 के.वी.ए. का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित, ऊर्जा व वर्षा जल संरक्षण उपायों का माॅडल बना राजुवासः कुलपति प्रो. गहलोत

क्रमांक 018                                                                                  25 अप्रैल, 2017

वेटरनरी विश्वविद्यालय में 100 के.वी.ए. का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित
ऊर्जा व वर्षा जल संरक्षण उपायों का माॅडल
बना राजुवासः कुलपति प्रो. गहलोत

बीकानेर, 25 अप्रैल। बीकानेर में किसी संस्थानिक क्षेत्र में 100 किलोवाट क्षमता का पहला सौर ऊर्जा संयंत्र वेटरनरी विष्वविद्यालय में स्थापित किया गया है। पूर्व में राजुवास परिसर में वर्षा जल संग्रहण तंत्र स्थापित करने के बाद अब सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर ऊर्जा और जल बचत उपायों को लागू कर राज्य में विशिष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। राज्य सरकार के उपक्रम राजस्थान इलेक्ट्राॅनिक एवं इंस्ट्रूमेन्टस लिमिटेड द्वारा राजुवास परिसर स्थित भवन की छŸाों पर 400 सौर ऊर्जा के पैनल लगाए गए हैं। वेटरनरी विष्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने बताया कि इस सौर ऊर्जा संयंत्र से 1.40 लाख यूनिट विद्युत का वार्षिक उत्पादन हो सकेगा। उन्होंने बताया इस संयंत्र को इन्टर ग्रिड से भी जोड़ा गया है, जिससे विष्वविद्यालय में विद्युत खपत के बाद और अवकाष दिवसों में उत्पन्न होने वाली विद्युत डिस्काॅम को दी जा सकेगी। प्रो. गहलोत ने बताया कि यह सौर ऊर्जा संयंत्र ऊर्जा की बचत, ध्वनि और जलवायु प्रदूषण से मुक्त तथा इको फ्रेेन्डली है। विष्वविद्यालय में वर्तमान में होने वाले विद्युत व्यय की बचत से लाखों रूपये का राजस्व लाभ होगा। यह संयंत्र 25 वर्ष तक की कार्य क्षमता लिये हुए है। वर्तमान में इसकी कुल लागत लगभग 80 लाख रूपये है। इसमें केन्द्रीय नवीन और नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा राजस्थान नवीन ऊर्जा निगम लिमिटेड के मार्फत 24 लाख रूपये राषि का अनुदान भी देय है। राजुवास के निदेशक कार्य (भू.स.) एम.राम ने बताया कि विश्वविद्यालय के पशु परजीवी विज्ञान, औषधीय, जन स्वास्थ्य और जनपादकीय रोग एवं निवारक पशु औषध विज्ञान विभागों की छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए गए हैं। वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए डाइयां गांव के प्राथमिक विद्यालय को भी 250 वाॅट क्षमता के चार सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा द्वारा विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान इलेक्ट्रानिक और इंस्ट्रूमेन्टस लिमिटेड द्वारा शासन सचिवालय व मुख्यमंत्री कार्यालय में भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं। इससे पूर्व राजुवास परिसर में इमारतों से वर्षाजल संरक्षण का एक माॅडल संयंत्र स्थापित किया गया है। इस योजना के प्रथम चरण में 5 इमारतों से होकर आने वाले 9.5 लाख लीटर क्षमता के 5 भूमिगत जल टैंक निर्मित किये गए। भूतल व छŸा का पानी पाइप और चैम्बर प्रणाली द्वारा इन टैंकरों में एकत्रित किया जाता है। इससे प्रति वर्ष भूमिगत जल के पुनः भरण के लिए 68 लाख लीटर जल का संचयन हो सकेगा।

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