वेटरनरी विश्वविद्यालय में 43 पशुपालकों का वैज्ञानिक पशुपालन एवं पोषण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न

क्रमांक 1455                                                        25 मार्च, 2017

वेटरनरी विश्वविद्यालय में 43 पशुपालकों का वैज्ञानिक पशुपालन एवं पोषण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न

बीकानेर, 25 मार्च। लूणकरनसर तहसील के 43 पशुपालकों ने वेटरनरी विश्वविद्यालय में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेकर उन्नत पशु पोषण की विभिन्न तकनीकों और महाविद्यालय की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण कर वैज्ञानिक पशुपालन और पशुचिकित्सा के उपचार कार्यों की जानकारी ली। शनिवार को शिविर का समापन हो गया। पशुधन संसाधन, प्रबंधन एवं तकनीकी केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक एवं प्रशिक्षण के प्रभारी प्रो. आर.के. धूड़िया ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पशुपालन में पशु पोषण पर 70 प्रतिशत राशि व्यय की जाती है। पशुपालक वैज्ञानिक रीति-नीति से पशुपालन करके पशुधन से अधिकतम उत्पादन लिया जा सकता है। पोल्ट्री फार्म में मुर्गीपालन में विविधिकरण से आय अर्जित करने, डेयरी फार्म में देशी गौवंश के रखरखाव से अधिकतम दूध उत्पादन कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने पशुओं को निरोगी रखने तथा उनकी उपचार सेवाओं के लिए वेटरनरी काॅलेज क्लिनिक्स का भ्रमण कर अत्याधुनिक पशुचिकित्सा सेवाओं का अवलोकन किया। पशुपालकों ने पशु पोषण के साथ ही हरा चारा उत्पादन की विभिन्न तकनीकों के प्रायोगिक कार्यों को देखा। पशुपालकों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के तकनीकी म्यूजियम का अवलोकन किया।

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