वेटरनरी विश्वविद्यालय में “सोशल मीडिया” पर कार्यशाला राष्ट्र निर्माण के लिए बौद्धिक रणनीति से मीडिया की उपयोगिता जरूरी: प्रांत प्रचारक चंद्रशेखर

क्रमांक 1777                                                                                                     20 नवम्बर, 2017

वेटरनरी विश्वविद्यालय में “सोशल मीडिया” पर कार्यशाला
राष्ट्र निर्माण के लिए बौद्धिक रणनीति से
मीडिया की उपयोगिता जरूरी: प्रांत प्रचारक चंद्रशेखर

बीकानेर, 20 नवम्बर। वर्तमान में एक सशक्त माध्यम के रूप में उभर रहे सोशल मीडिया को राष्ट्र निर्माण में उपयोग के लिए हमें अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की जरूरत है। ये विचार वेटरनरी आॅडिटोरियम में सोमवार को “राष्ट्र निर्माण में सोशल मीडिया की उपयोगिता” विषय पर आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किये गए। विश्व संवाद केन्द्र बीकानेर और वेटरनरी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला के मुख्य वक्ता जोधपुर के प्रांत प्रचारक श्री चन्द्रशेखर ने कहा कि इस देश का सतत् स्वाभिमान और सतत् संघर्ष का इतिहास रहा है। भारतीय संस्कृति, मानवीय संवेदनाओं और जीवन मूल्यों के मूल विचारों की पुर्नस्थापना का अनुकूल समय है। मीडिया का राष्ट्र के पुर्ननिर्माण में अहम योगदान है। अब सोशल मीडिया एक खुला मंच है जिसमें बौद्धिक रणनीति अपनाने की जरूरत है। मीडिया सकारात्मक, तथ्यपरक समाचार, जीवन मूल्यों की स्थापना और श्रम का सम्मान करने वाली खबरों से राष्ट्र जागरण में अपना अहम योगदान कर सकती है जिसमें बौद्धिक संपदा से परिपूर्ण युवा पीढ़ी के सक्रिय योगदान की आवश्यकता है। देश में अच्छे कार्यों की संख्या ज्यादा है लेकिन उसका प्रचार कम होता है। टी.आर.पी. बढ़ाने की होड़, व्यावसयिक प्रतिस्पद्र्धा, राजनीतिक झुकाव, पूर्वाग्रह ग्रसित समाचार और परिवार का विखण्डन करने वाली नकारात्मक खबरों से पूरी व्यवस्था प्रभावित होती है और समाज दिग्भ्रमित होता है। सनसनीखेज, मसालेदार और नकारात्मक खबरों के जंजाल से समाज और देश का नुकसान होता है। सोशल मीडिया की विश्वसनीयता को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेवारी है। तथ्यात्मक बातों के साथ विचारवान लोगों को इसका उपयोग करने के लिए सचेष्ट रहना होगा। प्रांत प्रचारक श्री चंद्रशेखर ने कहा कि देश में शहरी माओवाद युवाओं को दिग्भ्रमित कर लोगों का उकसाने का कार्य कर रहा है। ऐसे प्रयासों को नाकाम करने के लिए मीडिया माध्यमों का पारंपरिक मूल्यों और हिन्दुत्व की जीवन शैली जो कि हमारी रीढ़ है, को बचाए रखना और राष्ट्रहित को सर्वोपरि बनाने में इसका योगदान है। कार्यशाला के मुख्य अतिथि वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. छीपा ने वर्तमान परिवेश में इस कार्यशाला में चिंतन और संवाद को महत्वपूर्ण बताया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वेटरनरी काॅलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और लोक जागरण में सोशल मीडिया की महŸाी भूमिका के मद्देनजर हमें उसके अनुकूल कार्य और आचरण करना है। इस अवसर पर श्री हेम शर्मा ने राष्ट्र निर्माण में प्रिंट, इलेक्ट्राॅनिक और सोशल मीडिया की उपयोगिता और उसके प्रभावों के बारेे में बताया। कार्यशाला में उच्च शिक्षा के सहायक निदेशक श्री दिग्विजय सिंह भी मंचासीन थे। कार्यशाला में विभाग प्रचार प्रमुख श्री एस.एल. राठी ने पावर प्रजेन्टेशन द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न घटकों और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में बडी संख्या में राजुवास के शिक्षकों अधिकारियों कर्मचारियों और विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने शिरकत की।

एन.सी.सी. निदेशक द्वारा वेटरनरी विश्वविद्यालय में स्कवाड्रन का निरीक्षण

बीकानेर 20 नवम्बर। एन.सी.सी निदेशालय जयपुर के निदेशक कर्नल एस.एस. खारिया ने सोमवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय की 1 राज. आर.एण्ड.वी. एन.सी.सी. स्कवाड्रन का निरीक्षण किया। इकाई के कमान अधिकारी लेफ्टि. कर्नल अशोक सिंह राठौड़ ने स्कवाड्रन की गतिविधियों का पावर प्रजेन्टेशन प्रस्तुत कर जानकारी दी। निदेशक ने कैडे्ट्स से मुलाकात कर उन्हें सम्बोधित किया। कर्नल खारिया ने अश्व शाला का निरीक्षण कर नई दिल्ली में आगामी रिपब्लिक-डे कैम्प के लिए यूनिट द्वारा की जा रही तैयारियां भी देखी। निदेशक ने स्कवाड्रन के कैडे्टस द्वारा आर्मी अटैचमेन्ट और एन.आई.सी. कैम्प में अर्जित की गई उपलब्धियों और प्रदर्शन की सराहना की। एन.सी.सी. अधिकारी लेफ्टिनेन्ट (डाॅ.) राजेश नेहरा और लेफ्टिनेन्ट (डाॅ.) सुनीता चैधरी भी मौजूद थी।

निदेशक
जनसम्पर्क प्रकोष्ठ