वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा कोटा संभाग में पशुपालन परिदृश्य, वर्तमान एवं भविष्य पर कार्यशाला का आयोजन

क्रमांक 019                                                                                           26 अप्रैल, 2017

वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा कोटा संभाग में पशुपालन परिदृश्य, वर्तमान एवं भविष्य पर कार्यशाला का आयोजन

बीकानेर, 26 अप्रैल। राजस्थान पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर एवं पशुपालन विभाग कोटा के संयुक्त तत्वावधान में कोटा संभाग में पशुपालन परिदृश्य, वर्तमान व भविष्य विषय पर बुधवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। निदेशक, प्रसार शिक्षा राजुवास, बीकानेर प्रो. डाॅ. आर.के. धूड़िया ने बताया कि पशुधन आाधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वर्तमान पशुधन परिदृश्य को उन्नत पशुपालन तकनीकों के उपयोग एवं प्रसार तंत्र को सुदृढ़ बनाकर पशुपालको की आर्थिक स्थिति को उन्नत किया जा सकता है। उन्होने बताया कि वर्तमान में पशुपालन परिदृश्य, का विश्लेषण कर, नतीजों के आधार पर भविष्य की पशुधन सम्बन्धी योजनाऐं बनाकर पशुपालक व पशुधन को सुदृढ़ किया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान पशुपालन विभाग, कोटा संभाग के अतिरिक्त निदेशक, (क्षेत्र) डाॅ. राम गोप मीणा ने कृत्रिम गर्भाधान द्वारा पशु नस्ल सुधार व उत्पादन बढ़ाने हेतु विस्तृत चर्चा की। पशुपालन विभाग कोटा के उपनिदेशक डाॅ. अनिल शर्मा व डाॅ. अशोक शर्मा ने रोग नियंत्रण, टीकाकरण, एवं पशुधन की उत्पादन क्षमता कम करने वाले कारकों पर विचार व्यक्त किये एवं बताया कि पशु उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु इसे जन अभियान के रूप में लेने को कहा। कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ. आई. एन. गुप्ता नें वर्तमान व भविष्य में पशुधन विकास के लिए उन्नत चारा, बीज की उपलब्धता एवं पशुओं के चारा को विभिन्न तकनीकों से उपचारित करने की आवश्यकता जताई। राजस्थान काॅपरेटिव डेयरी फैडरेशन के श्री गजेन्द्र शर्मा उप प्रबंधक, ने स्वदेशी गायों की संख्या की घटती संख्या के बारे में विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि देशी गायों के दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने हेतु प्रसार उचित दिशा में होने चाहिए, जिसमें की कोटा संभाग में स्वदेशी गायों को उन्नयन हो सकेे। राजस्थान काॅपरेटिव डेयरी फैडरेशन के प्रबंधक श्री संजीव सिंह, श्री गजेन्द्र शर्मा व सुरेन्द्र शर्मा, कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डाॅ. महेन्द्र सिंह व पशुपालन विशेषज्ञ डाॅ. महेन्द्र गर्ग ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यशाला में कोटा संभाग के चारो जिलों कोटा, बून्दी, बांरा, झालावाड़ से पशुपालन के संयुक्त व उपनिदेशक, अन्य विभागों के भी अधिकारियों ने कार्यशाला में मंथन कर वर्तमान व भविष्य के परिदृश्य के बारे में विस्तृत चर्चा कर भविष्य की योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में एक प्रारूप तैयार किया जिससे की भविष्य में कोटा संभाग पशुपालन के क्षेत्र में सर्वोपरि हो सके। डाॅ. अतुल शंकर अरोड़ा, प्रभारी वी.यू.टी.आर.सी., कोटा ने कोटा संभाग के वर्तमान परिदृश्य को सांख्यिकी रूप से प्रदर्शित किया। डाॅ. निखिल श्रृंगी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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जनसम्पर्क प्रकोष्ठ