वेटरनरी विश्वविद्यालय की विधियों-नियमों को प्रबंधन मंडल की स्वीकृति – राज्य सरकार की मंजूरी उपरान्त रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया होगी शुरू: कुलपति प्रो. शर्मा

क्रमांक 169                                                                                                                            18 दिसम्बर, 2018

वेटरनरी विश्वविद्यालय की विधियों-नियमों को प्रबंधन मंडल की स्वीकृति
राज्य सरकार की मंजूरी उपरान्त रिक्त पदों पर
भर्ती प्रक्रिया होगी शुरू: कुलपति प्रो. शर्मा

बीकानेर, 18 दिसम्बर। वेटरनरी विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल की 20वीं बैठक मंगलवार को कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। कुलपति सचिवालय में आयोजित बैठक में कुलपति प्रो. शर्मा ने प्रबंध मंडल के सदस्यों के समक्ष वर्ष 2010 में स्थापित राजुवास की गत 8 वर्षों का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि अल्प काल में ही विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों में चहुंमुखी विकास के साथ देष के अग्रणीय विश्वविद्यालयों में अपना एक विशिष्ट स्थान बनाने में सफलता अर्जित की है। वेटरनरी विश्वविद्यालय का कार्य क्षेत्र पूरा राजस्थान प्रांत है जिसके 22 जिलों में विश्वविद्यालय ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। तीन महाविद्यालयों में उच्च शिक्षण कार्य, 8 पषुधन अनुसंधान केन्द्र और 13 पशुचिकित्सा विश्वविद्यालय प्रषिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्रों के माध्यम से पशुचिकित्सा शिक्षा और पशुपालक व कृषक समुदाय को सेवाएं प्रदान की जा रही है। जिलों में स्थित वी.यू.टी.आर.सी. को पशुपालन विभाग से समन्वय करके अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। पशुधन अनुसंधान केन्द्रों पर उत्पादक और उन्नत नस्ल के ही पषुओं को रखे जाने बाबत हिदायत दी गई है। कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रषासन ने गत 4 माह की अवधि में राजुवास एक्ट-2010 के तहत विधियों व परिनियमों को तैयार किया है जिनको अब राज्य सरकार की अनुमति के लिए भेजा जाएगा। इससे अब शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक रिक्त पदों पर शीघ्र ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। प्रबन्ध मण्डल की बैठक में राजुवास एक्ट-2010 के तहत बनाये गये विधियों, नियमों-परिनियमों का अनुमोदन किया गया। कुलपति ने बताया कि राजुवास ने गुणवत्तायुक्त पशुचिकित्सा शिक्षा और उद्यमिता विकास के लिए राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के तहत करीब 30 करोड़ रूपये राशि की परियोजना के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् को भिजवाए गए हंै। बैठक में गत प्रबन्धन बैठक की कार्यवाही रिपोर्ट का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में प्रो. ए.के. मिश्रा, पूर्व कुलपति, पंत कृषि विश्वविद्यालय, प्रो. कमल जायसवाल, (लखनऊ), श्री सुरेष चन्द्र गुर्जर, श्री पंकज राज मीणा, श्रीमति मंजू दीक्षित एवं डाॅ. ए.पी. व्यास ने सदस्य के तौर पर शिरकत की। पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डाॅ. रणजीत सिंह, उरमूल डेयरी के डाॅ. मनोहर लाल जैन, अनुसंधान निदेशक प्रो. आर.के. सिंह, डीन प्रो. त्रिभुवन शर्मा और कुलपति के विषेषाधिकारी डाॅ. गोविन्द सिंह भी बैठक में मौजूद थे। कुलसचिव प्रो. हेमन्त दाधीच ने प्रबन्ध मण्डल की बैठक का संचालन किया।

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