वेटरनरी विश्वविद्यालय की 15वीं अकादमिक परिषद् की बैठक संपन्न : अन्र्तराष्ट्रीय संस्थानों से एम.ओ.यू. और अनुसंधानों को पेटेंट करवाने की पहल करेगा वेटरनरी विश्वविद्यालय: कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा

क्रमांक 688                                                                                   15 जनवरी, 2020

वेटरनरी विश्वविद्यालय की 15वीं अकादमिक परिषद् की बैठक संपन्न 
अन्र्तराष्ट्रीय संस्थानों से एम.ओ.यू. और अनुसंधानों को पेटेंट करवाने की पहल करेगा वेटरनरी विश्वविद्यालय: कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा

बीकानेर, 15 जनवरी। वेटरनरी विश्वविद्यालय में स्थापित दुग्ध और पशुआहार व चारे की गुणवŸाा वाली उच्च प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाओं को भारत सरकार के मानकों की मान्यता दिलवाई जाएगी। अन्र्तराष्ट्रीय संस्थानों से एम.ओ.यू. और अनुसंधान कार्यों को भी पेटेंट करवाया जाएगा। इसके बाद इन प्रयोगशालाओं की उपयोगिता अनुसंधान कार्यों में बढेगी। वेटरनरी विश्वविद्यालय में बुधवार को कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित 15वीं अकादमिक परिषद् की बैठक में इस आशय का निर्णय किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि प्रयोगशाला में जांच कार्यों का दायरा बढ़ने से शुद्ध दूध और गुणवŸाायुक्त पशुआहार और चारा निर्माण तथा अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलेगा। कुलपति प्रो. शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के जनोपयोगी शोध कार्यों का पेटेंट करवाने की कार्यवाही शुरू की गई है। इससे अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर इन शोध कार्यों को एक अलग पहचान मिलेगी। विश्वविद्यालय में पशुओं के लिए हर्बल औषधियों के निर्माण, पशु चिकित्सकीय अपशिष्टों के निस्तारण सहित अन्य उपयोगी शोध का काॅपीराईट मिलेगा। परिषद की बैठक में वेटरनरी विश्वविद्यालय में एक मानव संसाधन विकास निदेशालय के गठन को मंजूरी दी गई। इस निदेशालय के अधीन शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू रूप से संचालन में मदद मिलेगी। विश्वविद्यालय के स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए पशुपालन की विभिन्न तकनीकों पर आधारित सर्टिफिकेट पाठयक्रम शुरू किये जायेंगे। स्ववित्तपोषी आधार पर इन पाठ्यक्रमों से विद्यार्थियों को विशेषज्ञता हासिल होगी जो उनके कैरियर में काम आयेगी। तीनों संघटक महाविद्यालयों में कौशल विकास के लिए भी पृथक से व्यवस्था की जाएगी। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयारी करवाने बाबत विचार-विमर्श किया गया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों के शोध आलेख और प्रबंधों के जर्नल्स में प्रकाशित नेशनल ऐकेडमिक आॅफ एग्रीकल्चर साईंस की रेटिंग-8 हासिल किए जाने पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने का निर्णय किया गया। कौंसिल की गत बैठक की कार्यवाही का अनुमोदन किया गया। बैठक में कुलपति प्रो. शर्मा ने गत एक वर्ष में विश्वविद्यालय द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियों की जानकारी दी। अकादमिक परिषद् सदस्य प्रो. आर.के. बघेरवाल महू (म.प्र) और डाॅ. रवीन्द्र शर्मा (हिसार) ने राजुवास द्वारा अर्जित उपलब्धियों और प्रतिष्ठा की सराहना की। कुलसचिव अजीत सिंह राजावत, वित्त नियंत्रक अरविंद बिश्नोई, तीनों महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, विश्वविद्यालय के डीन-डायरेक्टर, विभागाध्यक्ष और अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

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