वेटरनरी विश्वविद्यालय और एम.पी.यू.ए.टी. के मध्य एम.ओ.यू शिक्षा और अनुसंधान में आपसी सहयोग और समन्वय का हुआ करार

वेटरनरी विश्वविद्यालय और एम.पी.यू.ए.टी. के मध्य एम.ओ.यू
शिक्षा और अनुसंधान में आपसी सहयोग और समन्वय का हुआ करार

बीकानेर, 19 जून। वेटरनरी विश्वविद्यालय और महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर ने शुक्रवार को शिक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में आपसी सहयोग और समन्वय के लिए एक करार (एम.ओ.यू.) किया। ऑनलाइन कान्फ्रेंस के माध्यम से वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा और एम.पीे.यू.ए.टी. के कुलपति प्रो. एन.एस. राठौड़ ने ऑनलाइन करार पर हस्ताक्षर कर दस्तावेज एक-दूसरे को प्रेषित किए। इस अवसर पर कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि कृषि और पशुपालन एक दूसरे के पूरक हैं। इस करार के हो जाने से दोनों ही विश्वविद्यालय के शोधार्थी और शिक्षक पशुपालन और कृषि के क्षेत्र में एक-दूसरे के यहां तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर गुणवत्तायुक्त जैविक उत्पादन और नवीन तकनीक व प्रौद्योगिकी को जानने व साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को अपने अनुसंधान कार्यों के साझा रूप में करने के सुखद परिणाम किसान और पशुपालक समुदाय के लिए लाभकारी होंगे। इस अवसर पर कुलपति प्रो. एन.एस. राठौड़ ने कहा कि विश्वविद्यालयों के आपसी करार से मिलजुलकर कार्य विद्यार्थियों, शिक्षकों, किसान व पशुपालकों के हित में रहेगा। इस करार से दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी और शिक्षकों द्वारा अनुसंधान फॉर्म, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय सेवाओं का संयुक्त रूप से उपयोग होने से सामाजिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर वेटरनरी कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. आर.के. सिंह, अनुसंधान निदेशक प्रो. हेमंत दाधीच, प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. आर.के. धूड़िया, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एस.सी. गोस्वामी, विशेषाधिकारी डॉ. गोविन्द सिंह और आई.यू.एम.एस. प्रभारी डॉ. अशोक डांगी मौजूद थे।