वेटरनरी विश्वविद्यालय और राज्य सरकार के मध्य राहत फोरम का गठन पशु कल्याण व पशु उत्पादन बढ़ाने में राजुवास करेगा समन्वय का कार्य

वेटरनरी विश्वविद्यालय और राज्य सरकार
के मध्य राहत फोरम का गठन
पशु कल्याण व पशु उत्पादन बढ़ाने में राजुवास करेगा समन्वय का कार्य

बीकानेर, 21 मई। राज्य सरकार ने वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा पशुपालन के सम्बद्ध विभागों में समन्वय, वैज्ञानिकों के साथ संवाद और पशुपालकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से रीजनल एनिमल हस्बैन्ड्री एक्सटेंशन टेक्नोलाॅजी फोरम (राहत) के गठन को मंजूरी प्रदान की है। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने बताया कि वेटरनरी विश्वविद्यालय की पहल पर राज्य सरकार ने इस फोरम के गठन को अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इस फोरम (राहत) के माध्यम से राज्य में पशुपालन से संबंधित विभाग और वेटरनरी विश्वविद्यालय में आपसी सामंजस्य से विश्वविद्यालय के विभिन्न अनुसंधान व उन्नत तकनीकें आम पशुपालकों तक सुगमता से पहुँच सकेंगी और तदानुसार फोरम के माध्यम से पशुपालकों और पशुचिकित्सकों की आवश्यकताएं वेटरनरी विश्वविद्यालय तक पहुँच पाएगी। इससे पशुचिकित्सा के क्षेत्र में नवाचार जनोपयोगी अनुसंधान कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी। कुलपति प्रो. शर्मा ने बताया कि वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा वार्षिक क्रम से बीकानेर, नवानियां (उदयपुर) एवं जयपुर स्थित महाविद्यालयों के माध्यम से जिलों के पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, गोपालन एवं अन्य संबंधित विभागों व विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक व प्राध्यापको के मध्य संवाद आयोजित कर इस फोरम के माध्यम से अनुसंधान व पशुपालकों की सूचनाओं व समस्याओं का आदान-प्रदान किया जा सकेगा। इन बैठकों में संबद्ध विभागों व पशुपालकों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर पशुचिकित्सा, रोग निदान, पशु पोषण व प्रजनन और टीकाकरण सहित पशु उत्पादन बढ़ाने के लिए तौर-तरीकों और तकनीकी विकास कार्यों की दिशा तय की जा सकेगी ताकि प्रदेश में पशुकल्याण व पशु उत्पादन बढ़ाने मे मदद मिल सकेगी। इस फोरम के गठन से राज्य में पशुपालन सैक्टर को नए आयाम मिलेंगे।