वेटरनरी पैथोलॉजी डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र में प्रगति पर राष्ट्रीय वेबिनार सम्पन्न नौ देशों के एक हजार प्रतिभागियों ने की शिरकत

वेटरनरी पैथोलॉजी डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र में प्रगति
पर राष्ट्रीय वेबिनार सम्पन्न
नौ देशों के एक हजार प्रतिभागियों ने की शिरकत

बीकानेर, 14 अक्टूबर। वेटरनरी विश्वविद्यालय एवं इन्डियन एसोसिएशन ऑफ वेटरनरी पैथोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को “वेटरनरी पैथोलॉजी डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र में प्रगति” विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में 9 देशों के करीब एक हजार प्रतिभागियों ने शिरकत की। इसमें मेडिकल, वेटरनरी और आई.सी.ए.आर. के प्रतिनिधिगण शामिल हुए। बेबिनार को सम्बोधित करते हुए वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने कहा कि आज के समय में पशुचिकित्सा में रोग निदान एक महत्वपूर्ण पहलू है। इस क्षेत्र में उन्नत तकनीकों और ज्ञान का समावेश हुआ है। रोग निदान विशेषज्ञ और वैज्ञानिकों को संवेदनशील होकर इस तकनीकों को पशुपालक और किसानों तक पहुंचाकर उसकी उपयोगिता को सुनिश्चित करना है। रोगों के सही निदान और उपचार से ही समाज की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। वेबिनार के मुख्य अतिथि डॉ. बी.एन. त्रिपाठी, उपमहानिदेशक, (पशु विज्ञान) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने कहा कि पशु रोगों के निदान क्षेत्र में आशातीत प्रगति हुई है। इसको और अधिक बढ़ावा देने की जरूरत है। अब रोग निदान सेवाओं का विशेष महत्व है। डॉ. आर. एस. चौहान, जी.बी.पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी, पंतनगर ने “एडवांसमेन्ट एप्लीकेशन एण्ड स्कोप ऑफ इम्यूनोपैथोलॉजी एण्ड इम्यूनो कैमिस्ट्री इन एनिमल हैल्थ सेक्टर” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. के.पी. सिंह प्रिसिपल सांईटिस्ट, पैथोलॉजी विभाग, आई.वी.आर.आई., इज्जतनगर बरेली ने “आणविक निदान का पशुचिकित्सा क्षेत्र में उपयोग” विषय पर व्याख्यान दिया। प्रो. हेमन्त दाधीच निदेशक अनुसंधान, वेटरनरी विश्वविद्यालय ने सभी वक्ताओं एवं अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ. मनीषा मेहरा, जोनल सचिव (पश्चिम क्षेत्र) आई.ए.वी.पी. व डॉ. अभिलाषा दाधीच ने वेबिनार का संचालन किया। डॉ. मनीषा माथुर ने कार्यक्रम के अंत में सभी धन्यवाद का ज्ञापित किया। वेबिनार में विश्वविद्यालय के सभी डीन-डायरेक्टर, शिक्षकों व विद्यार्थियों ने भी शिरकत की।