वेटरनरी काॅलेज में स्वदेशी गौवषं थारपारकर का हिमकृत वीर्य का वितरण शुरू

वेटरनरी काॅलेज में स्वदेशी गौवंश थारपारकर का हिमकृत वीर्य का वितरण शुरू

नवानियां (उदयपुर) 4 अगस्त। वेटरनरी काॅलेज, नवानियां (उदयपुर) में गीर, राठी, कांकरेज और थारपारकर देशी गौवंश की 35 हजार सीमन (वीर्य) डोज तैयार की जा चुकी है। पशुपालकों और गौसेवी संस्थाओं को इसका वितरण भी किया जा रहा है। महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. सी.एस. वैष्णव ने वृंदावन फाॅर्म पूना (महाराष्ट्र) को थारपारकर नस्ल की 500 सीमन डोजेज दिये गए है। इससे महाराष्ट्र में थारपारकर नस्ल की देशी गाय का सवंर्धन किया जायेगा। वृंदावन फार्म, पूना से आये आगन्तुको ने पशुधन अनुसंधान केन्द्र, वल्लभनगर का भ्रमण कर इसकी विभिन्न इकाईयों का अवलोकन भी किया। देशी गौवंश के संवर्धन हेतु गीर की सीमन डोज/स्ट्रा महाविद्यालय के आस-पास के क्षेत्रों में वितरित की जा रही है तथा साथ ही मांग के अनुसार देशी गौवंश के सीमन/डोज का वितरण किया जा रहा है। पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान महाविद्यालय, नवानियां, वल्लभनगर में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में गीर केटल ब्रीडिंग फाॅर्म के अन्तर्गत गीर, राठी, काॅकरेज एवं थारपारकर जैसी देशी गायों का संरक्षण एवं संवर्द्धन का कार्य चल रहा है। महाविद्यालय में इस परियोजना के अन्तर्गत इन गौवंश नस्लों के हिमकृत वीर्य का निर्माण विगत तीन वर्षाें से किया जा रहा है।

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