वेटरनरी काॅलेज, नवानियां में तीन दिवसीय वन्यजीव प्रशिक्षण कार्यक्रम समाप्त

क्रमांकः News/VAHEE/VCN/2018/09                                                                                                दिनांक-21.12.2018

वेटरनरी काॅलेज, नवानियां में तीन दिवसीय वन्यजीव प्रशिक्षण कार्यक्रम समाप्त

21 दिसम्बर 2018। पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान महाविद्यालय, नवानियां में वन्यजीव बचाव तकनीक एवं देखभाल विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ । समापन समारोह के मुख्य अतिथि उप वनसंरक्षक (उत्तर) श्री ओ. पी. शर्मा ने बताया की वन्यजीव और मनुष्यों के बीच टकराव दिनो दिन बढ़ता जा रहा हैं, ऐसे समय में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता और बढ़ जाती है। उन्हाने महाविद्यालय को इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी कराने का आग्रह किया। कार्यक्रम अध्यक्ष महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. (ड़ाॅ.) राजेश कुमार धुड़िया ने बताया कि वन्यजीव प्रबन्धन एक संवेदनशील क्षेत्र है जिसमें वन्यजीव व मनुष्य दोनो को खतरा रहता है। कोई भी वन्यजीव से सम्बन्धित घटना की सूचना जैसे वन्यजीव का शिकार होना या वन्यजीव का घायल होना सबसे पहले ग्रामीणांे द्वारा वनरक्षक या वनपालको को ही दी जाती है। अतः वन रक्षक व वनपालको के लिये वन्यजीव प्रबन्धन का प्रशिक्षण आज की महती आवश्यकता हैं। वनरक्षक व वनपालकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार की गई हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक ड़ा.ॅ हेमन्त जोशी ने बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान ड़ाॅ. तरूणप्रीत ने वन्यजीव अपराध के दौरान की जाने वाली आवश्यक कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी तथा ड़ाॅ. सुनील कुमार ने भारत में पाये जाने वाले वन्यजीवांे के पहचान के बारे मेें जानकारी दी। इससे पहलेे माचिया बाॅयोलाॅजीकल पार्क, जोधपुर के वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सा अधिकारी डाॅ. श्रवण सिंह राठौड़ ने प्रशिक्षण में आये कुल 25 वन रक्षक व वनपालकों को वन्यजीव पकड़ते समय ध्यान रखने योग्य विभिन्न तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा प्रशिक्षण में आये सभी वन रक्षक व वनपालकांे को ट्रेंक्यूलाईज गन चलाने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया। इस दौरान अकादमिक समन्वयक ड़ाॅ. शिव शर्मा उपस्थित थे। अन्त में प्रशिक्षणार्थियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।

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