विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर्यावरण के सकारात्मक बदलावों में पशुचिकित्सा महत्वपूर्ण: कुलपति प्रो. शर्मा

विश्व पशुचिकित्सा दिवस
पर्यावरण के सकारात्मक बदलावों में पशुचिकित्सा महत्वपूर्ण: कुलपति प्रो. शर्मा

बीकानेर, 25 अप्रेल। विश्व पशुचिकित्सा दिवस-2020 आज पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। विश्व पशुचिकित्सा संघ और विश्व पशुस्वास्थ्य संगठन ने इस वर्ष विश्व पशुचिकित्सा दिवस को “पशु और मानव स्वास्थ्य में सुधार के लिए पर्यावरण संरक्षण” की थीम पर मनाने का फैसला किया है। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने शनिवार को विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर पशुचिकित्सक समुदाय को बधाई देते हुए वेटरनरी स्नातक के विद्यार्थियों की वर्चुअल क्लास को सम्बोधित किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा की दुनिया में पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र परिवर्तन के दोर में पशुचिकित्सको की भूमिका महत्वपूर्ण है। पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन न केवल पर्यावरण के लिए आवश्यक है, बल्कि पशु और मानव कल्याण के लिए भी आवश्यक है। पर्यावरण व जैव विविधता संरक्षण, खाद्य सुरक्षा, जूनोटिक बीमारियों जैसे क्षेत्रों में समाज को पशुचिकित्सकों से गहन अपेक्षाएं हैं अतः पशुचिकित्सकों को अपनी उभरती भूमिका को सुनिश्चित करना होगा। पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में पशुचिकित्सा एक बहुकौशल युक्त कारक है। पशुचिकित्सक एक सूक्ष्म जीव-विज्ञानी, ड्रग शोधकर्त्ता , फॉर्मासिस्ट और पशुरोग निदान अनुसंधान कर्त्ता के रूप में मानव जाति के कल्याण और पर्यावरण संरक्षण में अपना अहम योगदान कर सकता है। कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य के तहत जब पूरी दुनिया कोविड 19 की महामारी के कारण कठिनाई से जूझ रही है, पशुचिकित्सको की भूमिका स्वयं को सुरक्षित रखते हुए इसे अपने पेशेवर कौशल को दिखाने के अवसर के रूप में लेना चाहिए। किसानों-पशुपालकों के बीच स्वच्छता और अन्य बचाव कार्यों में पशुचिकित्सक अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।