लाईलाज रेबीज का टीकाकरण ही बचाव का उपायः कुलपति प्रो. शर्मा राजुवास में श्वानों का नि:शुल्क रेबीज टीकाकरण शिविर शुक्रवार को

क्रमांक 107                                                                                  26 सितम्बर, 2018

विश्व रेबीज दिवस
लाईलाज रेबीज का टीकाकरण ही बचाव का उपायः कुलपति प्रो. शर्मा राजुवास में श्वानों का नि:शुल्क रेबीज टीकाकरण शिविर शुक्रवार को

बीकानेर, 26 सितम्बर। विश्व रेबीज दिवस (28 सितम्बर) के अवसर पर शुक्रवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय में पालतू श्वानों का निःशुल्क एन्टी रेबीज टीकाकरण शिविर आयोजित किया जाएगा। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विश्णु शर्मा ने कहा है कि विशाणु जनित रेबीज रोग पागल श्वानों के काटने से फैलने वाली एक जानलेवा बीमारी है जिसके हो जाने के बाद चिकित्सा संभव नहीं है। इससे बचाव के लिए एन्टी रेबीज टीकाकरण आवश्यक है। विश्व में रेबीज रोग से प्रतिवर्ष हजारों लोगों की मृत्यु हो जाती है। एशिया और अफ्रीका महाद्वीप इससे सर्वाधिक पीड़ित क्षेत्र हंै। रेबीज (हिड़किया) रोग के ग्रसित श्वान के काटने से यह रोग मनुष्य सहित अन्य पशु गाय, भैंस, घोड़ा, गर्दभ, भेड़, बकरी व सूअर में भी हो जाता है। वेटरनरी काॅलेज के मेडिसिन के विभागाध्यक्ष प्रो. ए.पी. सिंह ने बताया कि वेटरनरी विष्वविद्यालय और केनाइन वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में श्वानपालक अपने श्वान का निःषुल्क टीकाकरण करवाने के लिए पहुँच सकते हैं। इस अवसर पर टीकाकृत श्वान को नगर निगम की ओर से जारी रेबीज टोकन भी प्रदान किए जायेगें। भारत सरकार के अधिनियम-1959 के अनुसार श्वान रखने वाले श्वानपालक के पास यह टोकन होना जरूरी है। पूर्व में पंजीकृत श्वानों के टोकन का नवीनीकरण भी किया जाएगा। केनाइन वेलफेयर सोसायटी, सचिव प्रो. अनिल आहुजा ने बताया कि शिविर में श्वानपालकों को रेबीज के प्रति जागरूक करने के लिए मुद्रित सामग्री प्रदान कर फिल्म शो का प्रदर्षन भी किया जाएगा।

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