राज्यपाल श्री मिश्र ने वेटरनरी विश्वविद्यालय में संविधान पार्क का किया शिलान्यास

राज्यपाल श्री मिश्र ने वेटरनरी विश्वविद्यालय में
संविधान पार्क का किया शिलान्यास

बीकानेर, 28 अक्टूबर। राज्यपाल एवं वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने बुधवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय में संविधान पार्क की ऑनलाइन आधारशिला रखी। समारोह के प्रारंभ में राज्यपाल श्री मिश्र ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना और मूल कर्त्तव्यों का वाचन किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि संविधान राष्ट्र को चलाने का महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसमें भारत के आदर्श, उद्देश्य और मूल्यों का समावेश है। यह हमारी संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य निधि है जो कि एकता और अखण्डता को बढ़ावा देती है। भारत का संविधान विश्व में लचीला और सर्वश्रेष्ठ है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी और मूल भावना से जोड़ने के उद्देश्य से संविधान पार्क का निर्माण किया जाएगा। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि कृषि और पशुपालन एक दूसरे के पूरक है जिसमें कौशल का विकास आज सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने वेटरनरी विश्वविद्यालय में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि नित नए नवाचारों में तेजी से कार्य किए जाने से एक अलग पहचान बनी है। उन्होंने वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा राज्य में उपलब्ध करवाई जा रही रोग निदान और उपचार की आधुनिकतम उपकरणों से वशिष्ट और विशेषज्ञ सेवाओं को उच्च कोटि का बताया। देशी गौवंश के संरक्षण और उन्नयन कार्यों में यह विश्वविद्यालय अग्रणी बना है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास कार्यों, पशुपालन की बेहतरी और गुणवŸाायुक्त उत्पादन के प्रयासों से प्रतिस्पर्द्धात्मकता में वृद्धि पर प्रसन्नता जताई। प्रशिक्षज्ञण कार्यक्रमों में पशुपालक-किसानों के साथ वैज्ञानिकों के संवाद प्रक्रिया को एक अच्छा प्रयास बताया। इस अवसर पर वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने राजुवास के कौशल विकास में अभिनव नवाचार का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक मूल्यों के विकास और युवा पीढ़ी में लोकतांत्रिक आस्थाओं में अभिवृद्धि के लिए संविधान पार्क एक सशक्त माध्यम बनेगा। कुलपति ने कि पशुचिकित्सा का पेशा पशुओं के मूक संवाद आधारित होने के कारण कौशल विकास द्वारा निदान व उपचार किया जाना महत्वपूर्ण है। राज्य पशुधन संपदा पूरे देश में विशिष्ट स्थान पर है। डेयरी, कुक्कुट पालन भेड़-बकरी की वैज्ञानिक फॉर्मिंग और विपणन प्रबंधन में कौशल विकास से वांछित लाभ मिल सकेगा। कुलपति ने विश्वविद्यालय में पशुओं के उपचार की नवीन तकनीकी पशु उत्पाद तकनीकों, पशुपालन में उद्यमिता, गौशालाओं व किसान-पशुपालकों के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी। समारोह के विशिष्ट-अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के सहायक महानिदेशक (शिक्षा) डॉ. पी.एस. पांडे ने कहा कि कृषि-पशुपालन पाठ्यक्रमों में परिवर्तन कर रोजगारोन्मुखी बनाया गया है। विश्वविद्यालयों में कौशल विकास के लिए अनुभव जन्य इकाईयों की स्थापना की गई है। इस अवसर पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मिश्र ने विश्वविद्यालय के कौशल विकास केन्द्र का शिलान्यास किया। राज्यपाल महोदय ने समारोह में विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रकाशित “उन्नत पशुधन: जैविक पशुपालन” और “वैज्ञानिक पशुधन एवं प्रबंधन” विषयों पर प्रशिक्षण संदर्शिकाओं का विमोचन किया। समारोह का संचालन विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. राजेश कुमार धूड़िया नेे किया। वेटरनरी कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. आर.के. सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। समारोह में अनेक विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, वेटरनरी विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक अरविंद बिश्नोई, किसान-पशुपालक और विद्यार्थियों ने शिरकत की। विश्वविद्यालय के आई.यू.एम.एस. प्रभारी डॉ. अशोक डांगी द्वारा अधिकारिक फेसबुक पेज पर समारोह का सीधा प्रसारण किया गया।