राजुवास में सीकर और बीकानेर के 48 पशुपालकों का स्वदेशी पशु नस्लों के संरक्षण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

क्रमांक 1857                                                                              25 जनवरी, 2018

राजुवास में सीकर और बीकानेर के 48 पशुपालकों का स्वदेशी पशु नस्लों के संरक्षण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

बीकानेर, 25 जनवरी। स्वदेशी पशुधन नस्लों के संरक्षण उसके महत्व पर सीकर और बीकानेर जिले के 48 पशुपालकों का दो दिवसीय वैज्ञानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरूवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय में संपन्न हो गया। पशु जैव विविधता संरक्षण केन्द्र में आयोजित प्रशिक्षण के समापन अवसर पर राजुवास के प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. ए.पी. सिंह ने सभी को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। पशु जैव विविधता संरक्षण केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डाॅ. मोहनलाल चैधरी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में पशुधन अनुसंधान केन्द्र कोड़मदेसर और राठी प्रजनन केन्द्र और डेयरी फाॅर्म के भ्रमण के साथ ही पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए पोल्ट्री फाॅर्म और वर्मी कंपोस्ट इकाई के प्रायोगिक कार्यों से भी अवगत करवाया गया। डाॅ. नरेन्द्र कुमार पूनिया ने भ्रमण के दौरान पशुओं के वैज्ञानिक रखरखाव की जानकारी दी। प्रशिक्षण में देशी-गोवंश के पालन और संरक्षण पर 6 वैज्ञानिक-विशेषज्ञों की वार्ताओं का आयोजन कर पशुपालकों की शंकाओं का समाधान किया गया। डाॅ. विजय बिश्नोई, डाॅ. आर.के.खीचड़, डाॅ एस.के. झीरवाल, डाॅ. मोहनलाल चैधरी, डाॅ. अरूण कुमार झीरवाल और डाॅ. वीरेन्द्र ने स्वदेशी गोवंश के प्रजनन, पोषण, उपचार और वैज्ञानिक रखरखाव पर व्याख्यान प्रस्तुत किए।

निदेशक