पशुचिकित्सा कार्मिकों का प्रशिक्षण सम्पन्न पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट से मानव और जीव जगत के लिए घातकः कुलपति प्रो. छीपा

क्रमांक 2029                                                                                                   22 मार्च, 2018

पशुचिकित्सा कार्मिकों का प्रशिक्षण सम्पन्न
पशु जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट से मानव और जीव
जगत के लिए घातकः कुलपति प्रो. छीपा

बीकानेर 22 मार्च। वेटरनरी विश्वविद्यालय के 85 पशुचिकित्सा कार्मिकों का “जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट के प्रबंधन और निस्तारण“ विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण गुरूवार को वेटरनरी काॅलेज के जन स्वास्थ्य विभाग में सम्पन्न हो गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि वेटरनरी विष्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. छीपा ने कहा कि चिकित्सा कार्मिकों को जैव अपषिष्ट का निस्तारण पूरी जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। यह स्वच्छता अभियान का ही एक अहम हिस्सा है क्योंकि इसके दुष्परिणाम से सम्पूर्ण मानव और जीव जगत प्रभावित होता है। प्रो. छीपा ने सभी चिकित्सा कार्मिकों को आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कार्यों को पशुपालकों तक भी पहुँचाएं। उन्होंने पशुपालकों को जागरूक करने के लिए विभाग द्वारा हिन्दी में बनाई गई लघु चलचित्र की सराहना करते हुए इसको जन-जन तक ले जाने का आग्रह किया। राजुवास के पशुजैव चिकित्सकीय अपषिष्ट तकनीकी निस्तारण केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक एवं प्रशिक्षण संयोजक प्रो. राकेश राव ने बताया कि दो दिवसीय प्रषिक्षण में अपशिष्ट निस्तारण के प्रायोगिक तौर-तरीकों के साथ वैज्ञानिकों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किये गए। पशुपालकों को भी अपने यहां गड्ढा खोदकर ऐसे अपशिष्टों को जमींदोज कर देना चाहिए। इससे वातावरण को संक्रमित होने से बचाया जा सकेगा। समारोह में वेटरनरी काॅलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा, राजुवास के कुलसचिव प्रो. हेमन्त दाधीच और प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. ए.पी. सिंह भी मौजूद थे। प्रषिक्षण में डाॅ. मनोहर सेन व डाॅ. पंकज मंगल ने अपशिष्ट निस्तारण के प्रायोगिक कार्यों का प्रदर्शन किया। प्रो. राकेश राव, डाॅ. रजनी जोशी, डाॅ. मोहम्मद अयूब ने व्याख्यान प्रस्तुत किए।

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