राजुवास के वैज्ञानिक द्वारा संपादित ऊंटों के शोध की वैज्ञानिक पत्रिका सर्वोच्च जर्नल्स में शामिल

क्रमांक 1681                                                                                                                  13 जुलाई, 2017

राजुवास के वैज्ञानिक द्वारा संपादित ऊंटों के शोध की वैज्ञानिक पत्रिका सर्वोच्च जर्नल्स में शामिल

बीकानेर, 13 जुलाई। राजुवास के वेटरनरी काॅलेज, बीकानेर में कार्यरत शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ प्रो. टी.के. गहलोत द्वारा संपादित ऊंटों की वैज्ञानिक पत्रिका “जर्नल आॅफ केमल प्रेक्टिस एण्ड रिसर्च“ को इन्डियन साइटेशन इन्डेक्स-2016 के आधार पर पशु विज्ञान क्षेत्र की दस सर्वोच्च जर्नल्स में शामिल किया गया है। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. छीपा ने इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि राजुवास में पशुचिकित्सा शोध कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता को राष्ट्रीय-अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। यह राजुवास फैकल्टी के लिए अनुकरणीय और गौरवान्वित करने वाली बात है। अखिल भारतीय स्तर के वैज्ञानिकों द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ के तत्वावधान में दो सौ पेज की एक रिपोर्ट तैयार की गई। इस रिपोर्ट के जारी होने से वेटरनरी विश्वविद्यालय में खुशी की लहर व्याप्त हो गई क्योंकि इस पत्रिका का संपादन राजुवास के प्रो. टी.के. गहलोत पिछले 23 वर्षों से कर रहे हैं। ऊंटों की इस वैज्ञानिक पत्रिका में एक अन्र्तराष्ट्रीय संपादकीय मंडल द्वारा विदेशों में होने वाले ऊंटों के शोध पर चयनित वैज्ञानिक लेखों का प्रकाशन किया जाता है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (नास) द्वारा भी इस जर्नल को 6.2 की रैंकिंग प्रदान की गई है।

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