राजुवास के दशाब्दी वर्ष समारोह के अन्तर्गत पी.जी.आई.वी.ई.आर., जयपुर में ’’राष्ट्रीय दुग्ध दिवस’’का आयोजन

No.: 32/2019                                                                                                                      Date: 26.11.2019

राजुवास के दशाब्दी वर्ष समारोह के अन्तर्गत पी.जी.आई.वी.ई.आर.,
जयपुर में ’’राष्ट्रीय दुग्ध दिवस’’का आयोजन

जयपुर, 26 नवम्बर। राजुवास के दशाब्दी वर्ष समारोह के अन्तर्गत स्नातकोत्तर पशुचिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पी.जी.आई.वी.ई.आर.), जयपुर में आयोजित ’’राष्ट्रीय दुग्ध दिवस’’ कार्यक्रम में मंगलवार को एक तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डाॅ. हिम्मत सिंह, निदेशक, डेयरी उद्योग काॅन्फ्रेन्स, जयपुर, विशिष्ट अतिथि डाॅ. एस.एस. लठवाल, प्रिंसिपल साइन्टिस्ट, एन.डी.आर.आई., करनाल, श्री राहुल सक्सेना, एम.डी., जयपुर डेयरी एवं सेकेट्री जनरल (डेयरी उद्योग काॅन्फ्रेन्स, जयपुर), श्री. आर.के. सिंह, सी.ई.ओ., पायस डेयरी, डाॅ. प्रत्युश जोशी, सदस्य एन.डी.डी.बी., जयपुर एवं पायस डेयरी, प्रो. (डाॅ.) जी.सी. गहलोत, अधिष्ठाता, पी.जी.आई.वी.ई.आर. एवं संस्थान के संकाय सदस्य उपस्थित रहे। प्रो. (डाॅ.) संजीता शर्मा, मुख्य अन्वेषक, एडवान्स मिल्क टेस्टिंग रिसर्च लेबोरेट्री, पी.जी.आई.वी.ई.आर., जयपुर ने अपने तकनीकी व्याख्यान में स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पादन के बारे में जानकारी दी। मुख्य अतिथि डाॅ. हिम्मत सिंह जी ने डाॅ. वर्गीज कुरियन के चमत्कारिक व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए आॅपरेशन फ्लड में उनके योगदान के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। डाॅ. लठवाल ने अपने उद्बोधन में बताया कि श्वेत क्रांति के कारण ही भारत दुग्ध उत्पादन में विश्व में नम्बर एक स्थान पर पहुॅच पाया। श्री सक्सेना ने डाॅ. कुरियन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए डेयरी के को-आॅपरेटिव माॅडल तथा श्वेत क्रांति में उनकी भूमिका से अवगत कराया। श्री आर.के. सिंह जी ने भी डाॅ. कुरियन के डेयरी उद्योग में योगदान के बारे में जानकारी दी। इससे पहले अधिष्ठाता महोदय ने अपने उद्बोधन में सभी आगन्तुकों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय दुग्ध दिवस की बधाई दी तथा बताया कि हम दुग्ध उत्पादन में सर्वोच्च स्थान पर पहुॅच चुके है परन्तु स्वच्छ एवं सुरक्षित दुग्ध उत्पादन में हम अभी भी बहुत पिछड़े हुए हैं। कार्यक्रम के अन्त में प्रो. (डाॅ.) संजीता शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

(SD-)
अधिष्ठाता