राजुवास की बोम की 19वीं बैठक आयोजित, विद्यार्थियों-कर्मचारियों के हित में हुए अनेक निर्णय

क्रमांक 007                                                                                                                                   20 अप्रैल, 2018

राजुवास की बोम की 19वीं बैठक आयोजित, विद्यार्थियों-कर्मचारियों
के हित में हुए अनेक निर्णय
स्तरीय शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना विश्वविद्यालय प्रबंधन की सर्वोच्च प्राथमिकता-कुलपति

बीकानेर, 20 अप्रैल। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजुवास) की बोर्ड आॅफ मैनेंजमेंट (बोम) की 19वीं बैठक शुक्रवार को कुलपति प्रो. बी.आर. छींपा की अध्यक्षता में कुलपति सचिवालय में आयोजित हुई। बैठक में विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों से जुड़े अनेक मुद्दों पर आम सहमति के आधार पर सकारात्मक निर्णय लिए गए।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. छींपा ने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को स्तरीय शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना विश्वविद्यालय प्रबंधन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विश्वविद्यालय द्वारा गत सात वर्षों में सफलता के अनेक सौपान तय किए गए हैं। इस परम्परा की निरंतरता बनाए रखना हमारा सामूहिक दायित्व है। इसके लिए सदैव प्रयास होने चाहिए। बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के नए कुलपति चयन से संबंधित विश्वविद्यालय स्तर की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई। इससे स्थाई कुलपति मिलने की ओर एक कदम और बढ़ गया।
बैठक के दौरान विद्यार्थियों के हितों का ध्यान रखते हुए ट्रांसक्प्रिट शुल्क का निर्धारण किया गया। इसके लिए विभिन्न प्रस्ताव प्राप्त हुए। बोम द्वारा सहमति के आधार पर ट्रांसक्प्रिट शुल्क 15 सौ रुपये किया जाना तय हुआ। वहीं डिग्रियों की अशुद्धियों को दूर करने के लिए बोम द्वारा कुलपति को अधिकृत किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों को अपनी डिग्रियों की अशुद्धियों को दूर करवाने के लिए बोम की बैठक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
बोम द्वारा कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार विमर्श किया गया। बैठक के दौरान कर्मचारियों के ‘शैक्षणिक भ्रमण’ की स्वीकृति भी दी गई। इससे विश्वविद्यालय के कार्मिक भी दूसरे शैक्षणिक संस्थानों का भ्रमण करते हुए वहां की खूबियों का अवलोकन तथा विश्वविद्यालय में इनके क्रियान्वयन से संबंधित सुझाव दे सकेंगे। कर्मचारियों हित का ध्यान रखते हुए बोम द्वारा विश्वविद्यालय के कार्मिकों को सरकारी अस्पतालों के अलावा राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित निजी चिकित्सालयों में भी निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दिए जाने का निर्णय लिया। इस निर्णय से कार्मिक अब सरकारी अस्पतालों के साथ ही राज्य भर के अधिसूचित निजी अस्पतालों से भी इलाज करवा सकेंगे।
इससे पहले कुलसचिव डाॅ. हेमंत दाधीच ने बोम की बैठक के एजेंडे के अनुसार विभिन्न बिंदु रखे। बैठक में विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारी मौजूद रहे। वहीं राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य, प्रगतिशील किसान पंकज मीणा, प्रगतिशील पशुपालक सुरेश चंद गुजर, समाजसेवी मंजू दीक्षित तथा कुलाधिपति एवं राज्यपाल द्वारा नामित प्रतिनिधि एवं केन्द्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हैड कमल जायसवाल भी मौजूद थे। वहीं वित्त सचिव प्रतिनिधि के रूप में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त नरेन्द्र सिंह पुरोहित, निदेशक प्रतिनिधि के रूप में डाॅ. रणजीत सिंह मौजूद थे।
बैठक में राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्यों ने विश्वविद्यालय एवं पशुपालकों को आगे लाने के लिए पूर्ण सहयोग का विश्वास दिलाया। सदस्यों द्वारा इस संबंध में सुझाव भी दिए गए। बैठक के अंत में अधिष्ठाता तथा संकाय अध्यक्ष प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने सभी आगंतुकों का आभार जताया।

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