यू.जी.सी. से राजुवास को 12-बी में अधिस्वीकरण: निरीक्षण दल द्वारा दूसरे दिन पशुधन अनुसंधान केन्द्रों का निरीक्षण और छात्र, कर्मचारियों व शिक्षकों से किया संवाद

क्रमांक 66                                                                                                                 04 अगस्त, 2018

यू.जी.सी. से राजुवास को 12-बी में अधिस्वीकरण:
निरीक्षण दल द्वारा दूसरे दिन पशुधन अनुसंधान केन्द्रों का
निरीक्षण और छात्र, कर्मचारियों व शिक्षकों से किया संवाद

बीकानेर, 04 अगस्त। वेटरनरी विश्वविद्यालय को 12-बी में अधिस्वीकारण के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निरीक्षण दल ने शनिवार को विश्वविद्यालय के कोड़मदेसर और बीछवाल अनुसंधान केन्द्रों में हैरिटेज जीन बैंक और देशि गोवंश की नस्लों के संवर्द्धन और संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। आनंद कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन.सी. पटेल की अगुवाई में आए 4 दलीय सदस्यों ने दूसरे दिन राजुवास के औषद्यीय विभाग, क्लिनिक्स, शल्यचिकित्सा एवं रेडियोग्राफी विभाग तथा एल.पी.टी. और एल.पी.एम. विभागों में जाकर पशुचिकित्सा षिक्षा व उपचार और अनुसंधान कार्यों की जानकारी ली। वेटरनरी काॅलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा ने पशुधन अनुसंधान केन्द्रों पर राज्य की थारपारकर, साहीवाल और कांकरेज नस्लों के संवर्द्धन और चारा उत्पादन कार्यों से अवगत करवाया। वेटरनरी काॅलेज के औषद्यीय विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. ए.पी. सिंह, ए.बी.जी. के प्रो. जे.एस. मेहता, शल्यचिकित्सा विभाग के डाॅ. प्रवीण बिश्नोई, एल.पी.एम. के विभागाध्यक्ष प्रो. सुभाष गोस्वामी तथा एल.पी.टी. की विभागाध्यक्ष प्रो. बसंत बैस ने विभाग की कार्यप्रणाली और अनुसंधान परियोजनाओं से अवगत करवाया। दल के सदस्यों ने बड़े पशुओं के आॅपरेशन थिएटर, सी.टी. स्केन मशीन, पशु आइ.सी.यू. इकाई, ब्लड बैंक और ए.सी. वार्ड को देखा। उन्होंने एल.पी.टी. विभाग में तैयार किए गए पशु उत्पादों का भी जायजा लिया। अपरान्ह पष्चात् निरीक्षण दल के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शैक्षणेतर कर्मचारियों और फैकल्टी सदस्यों से अलग-अलग चर्चा कर उनके आभाव अभियोगों की जानकारी ली और विष्वविद्यालय की बेहतरी और कल्याण कार्यों के बाबत सुझाव भी सुने। शिक्षकों और कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक, षैक्षणेतर, तकनीकी और सहायक कार्मिकों के रिक्त पड़े पदों पर भर्ती की मांग को प्रमुखता से रखा। दल के सदस्यों ने फैकल्टी द्वारा अर्जित अनुसंधान उपलब्धियों और अन्य विश्वविद्यालयों से आपसी समन्वय व एक्सचैंज कार्यों की जानकारी भी ली। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. छीपा ने सदस्यों का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके अनुभवों और सुझावों से राजुवास लाभान्वित हुआ है। वेटरनरी काॅलेज के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन शर्मा और कुलसचिव प्रो. हेमंत दाधीच ने भी विचार व्यक्त किए। यह दल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्धारित मापदण्डों के अनुकूल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान और प्रसार कार्यों का आंकलन कर प्रतिवेदन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को प्रस्तुत करेगा जिसके आधार पर वेटरनरी विष्वविद्यालय को आयोग से विŸाीय सहायता सुलभ हो सकेगी। दल के सदस्य रूप में नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति प्रो. पी.डी. जुयाल, पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय पंतनगर के अधिष्ठाता प्रो. जी.के. सिंह और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की संयुक्त सचिव श्रीमती ममता आर. अग्रवाल सदस्य सचिव के रूप में शामिल हैं।

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