प्रदेश में अश्व प्रजाति कल्याण के लिए वेटरनरी विश्वविद्यालय ने अंतर्राष्ट्रीय ब्रुक इंडिया संस्था से किया करार

प्रदेश में अश्व प्रजाति कल्याण के लिए वेटरनरी
विश्वविद्यालय ने अंतर्राष्ट्रीय ब्रुक इंडिया संस्था से किया करार

बीकानेर, 29 जुलाई। अश्व प्रजाति और अश्व पशुपालकों के कल्याण के लिए वेटरनरी विश्वविद्यालय में बुधवार को अन्तर्राष्ट्रीय ब्रुक इंडिया के साथ एक महत्वपूर्ण करार किया गया। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा और ब्रुक इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्रिगेडियर जे.एस. धर्माधिरण ने आपसी समझौते के करार पर दस्तखत कर एक दूसरे के सुपुर्द किए। इस अवसर पर कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि राजुवास देश में पशुचिकित्सा के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान है। यहां पशुओं के उपचार, नस्ल सुधार और पशुपालकों के उन्नत प्रशिक्षण की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। इस करार के होने से राजुवास देश भर की अश्व प्रजाति के संरक्षण, अनुसंधान और अश्व पालकों के ज्ञान व कौशल विकास कार्यों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेगा। इससे वेटरनरी पशुचिकित्सा विद्यार्थियों में भी अश्व कल्याण के प्रति रूझान बढेगा। ब्रिगेडियर धर्माधिरण ने कहा कि ब्रुक इंडिया एक अन्तर्राष्ट्रीय संस्था है जो गत 21 वर्षों से पशुचिकित्सा विश्वविद्यालयों, राजकीय संस्थानों व शैक्षिक संस्थाओं के साथ मिलकर अश्व प्रजाति के पशुओं के प्रति जागरूकता, देखभाल व उपचार की कुशलता बढ़ाने का कार्य कर रही है। इस करार से अश्व प्रजाति के पशुओं की स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को प्रभावी बनाया जा सकेगा। वर्तमान में अश्व प्रजाति के पशुओं का उपयोग ईंट-भट्टों पर ढुलाई, सामान व सवारी ढ़ोने, घुड़दौड़ तथा कृषि कार्य में किया जा रहा है। अश्व प्रजाति के पशुओं का संरक्षण किया जाना जरूरी है क्योंकि इस प्रजाति की संख्या व उपयोगिता में निरंतर कमी हो रही है। संस्था द्वारा वर्तमान में अश्व पालकों को संगठित कर जागरूक करना, उनकी आय में वृद्धि, महिला समूहों को कल्याण योजनाओं से जोड़ने तथा सेवा प्रदाताओं की क्षमता में वृद्धि जैसे कार्य कर रही है। इस अवसर पर वेटरनरी विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. आर.के. सिंह, प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. आर.के. धूड़िया, अनुसंधान निदेशक प्रो. हेमंत दाधीच, और पी.एम.ई. निदेशक प्रो. अंजु चाहर उपस्थित रहे। ब्रुक इंडिया के प्रमुख कार्यक्रम अधिकारी रत्नेश राव, प्रमुख पशु स्वास्थ्य एवं कल्याण अधिकारी डॉ. निधीश भारद्वाज भी करार के साक्षी बने।