वेटरनरी काॅलेज, उदयपुर एवं पी.जी.आई.वी.ई.आर., जयपुर में प्रथम स्नातक बैच के विधार्थियों का शपथ ग्रहण तथा विदाई समारोह

पी.जी.आई.वी.ई.आर., जयपुर में प्रथम स्नातक बैच के विधार्थियों का शपथ ग्रहण तथा विदाई समारोह

जयपुर, 21 दिसम्बर। स्नातकोत्तर पषुचिकित्सा षिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पी.जी.आई.वी.ई.आर.), जयपुर में सोमवार को संस्थान के प्रथम स्नातक बैच के विधार्थियों का शपथ ग्रहण तथा विदाई समारोह आयोजित किया गया। संस्थान की अधिष्ठाता प्रो. (डाॅ.) संजीता शर्मा ने सभी विधार्थियों को “पषु चिकित्सक शपथ” दिलाई तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है जब संस्थान से प्रथम स्नातक बैच डिग्री प्राप्त कर रहा है। जो यात्रा आपने पांच साल पहले पी.जी.आई.वी.ई.आर. में प्रवेष लेकर शुरू की थी आज वह आपके पषु चिकित्सक बनने के बाद समाप्त हो रही है। आगे उन्होंने कहा कि अब तक आप इस संस्थान की छतरी के नीचे सुरक्षित थे, लेकिन अब आप खुले विष्व में अपने सपनों को साकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। आपके आगे बहुत सारी संभावनाऐं आपका इंतजार कर रही है। आप पहले आत्ममंथन करें तथा उपर्युक्त विकल्प चुनकर अपना भविष्य उज्जवल बनायें। उन्होंने बताया कि संघर्ष हमें संगठित करता है तथा हमारे जीवन को एक उद्देष्य प्रदान करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी विधार्थी दुनिया के विभिन्न भागों में जाकर अपने उत्कृष्ट प्रदर्षन से संस्थान का नाम रौषन करेगें। अकादमिक समन्वयक डाॅ. मोनिका करनानी ने बताया कि इस बैच ने लगातार पांच वर्षों तक विष्वविद्यालय की मेधा सूची में प्रथम पांच में से तीन स्थानों पर अपना कब्जा बनाये रखा तथा अन्तिम वर्ष विष्वविद्यालय मेधा सूची में प्रथम, तृतीय तथा पंचम स्थान प्राप्त किया। इन्टर्न समन्वयक एवं वेटरनरी क्लिनिकल काॅम्पलेक्स प्रभारी डाॅ. धर्म सिंह मीणा ने अपने उद्बोधन में विधार्थियों को पांच वर्षों में ग्रहण किये ज्ञान को उपयोग कर पषु चिकित्सा के क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। संस्थान के अन्य वरिय संकाय सदस्यों ने भी विधार्थियों को सम्बोधित किया तथा जीवन में सफल होने के मंत्रों से उन्हें अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के विभिन्न दिषा-निर्देषों जैसे सोषल डिस्टेंसिंग, मास्क एवं सेनेटाईजेषन का उपयोग आदि का पालन किया गया तथा संस्थान के सभी संकाय सदस्य आॅनलाईन माध्यम से जुड़ें। डाॅ. बरखा गुप्ता ने मंच संचालन किया तथा डाॅ. वाई.पी. सिंह ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. वाई.पी. सिंह की देखरेख में आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम के पश्चात् प्रो. (डाॅ.) विष्णु शर्मा, माननीय कुलपति, राजुवास, बीकानेर द्वारा तीनों संघटक महाविद्यालयों के संयुक्त संबोधन में भी सभी विद्यार्थियों तथा संकाय सदस्यों ने आॅलाईन माध्यम से भाग लिया। कुलपति महोदय ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की तथा सभी को अपने प्रोफेशन, कार्य, सोच, आचरण आदि में ईमानदारी रखने की सलाह दी। उन्होंने इस पल को राजुवास के लिये यादगार बताया जब विश्वविद्यालय के तीनों संघटक महाविद्यालयों से विद्यार्थी एक साथ उपाधि प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पशुचिकित्सक के कत्र्तव्यों से अवगत कराया तथा कहा कि आज के बाद आप सभी पषु चिकित्सक समुदाय के अभिन्न अंग बन गये हैं तथा पषुधन उत्पादन, बेहतर जन-स्वास्थ्य, बेजुबान पषुओं की चिकित्सा, खाद्य आत्मनिर्भरता आदि में अपना योगदान देकर इस राष्ट्र को समृद्ध बनायंेगे। विद्यार्थी भी कुलपति महोदय के उद्बोधन से प्रफुल्लित हुए तथा भविष्य में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राजुवास का नाम रौशन करने का भरोसा दिलाया।

अधिष्ठाता

वेटरनरी काॅलेज, उदयपुर में पशुचिकित्सा विद्यार्थियों का शपथ ग्रहण एवं विदाई समारोह

नवानियाँ, 21 दिसम्बर। पषुचिकित्सा और पषुविज्ञान महाविद्यालय, नवानियां, उदयपुर में सोमवार को नव स्नातक बैच के विद्यार्थियों का शपथ ग्रहण एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। पशुचिकित्सा और पशुपालन में स्नातक के पाँच वर्षीय डिग्री कार्यक्रम में अनिवार्य छः महीने की इंटर्नशिप पूर्ण होने पर विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रो. (डाॅ.) विष्णु शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को विडियों काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। उन्होनंे सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं सहित शुभाशीष प्रदान किया। उन्होनंे नव स्नातक पशुचिकित्सकों को मूक पशुओं की पीड़ा निवारण व पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के प्रति सजग रहने पर बल दिया। इस मौके पर महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो. (डाॅ.) राजीव जोशी ने अपने बधाई सन्देश में विद्यार्थियों को कर्तव्यनिष्ठता, सत्यनिष्ठता एवं सामाजिक सेवा पर बल देते हुए पशुओं व पशुपालकों के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करने का आव्हान किया। डाॅ. जोशी ने पशुचिकित्सा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार तथा उत्पादन वृद्वि पर जोर दिया। सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. मितेश गौड़ ने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय के सभी संघटक महाविद्यालयों के साथ ही नवानियाँ महाविद्यालय के विद्यार्थियों को भी विडियों काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से ‘‘पशुचिकित्सा शपथ’’ दिलाई गई। महाविद्यालय के अकादमिक समन्वयक एवं इंटर्नशिप प्रभारी डाॅ. शिव कुमार शर्मा ने भी सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। इस अवसर पर सभी संकाय सदस्यों ने आॅनलाईन भाग लेकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्द्धन किया। कार्यक्रम का समन्वयन डाॅ. गोवर्धन सिंह ने किया।

प्रभारी