पशु रोग की अखिल भारतीय नेटवर्क परियोजना में वेटरनरी विश्वविद्यालय बना सहभागी केन्द्र

क्रमांक 748                                                                                                        10 फरवरी, 2020

पशु रोग की अखिल भारतीय नेटवर्क परियोजना
में वेटरनरी विश्वविद्यालय बना सहभागी केन्द्र

बीकानेर, 10 फरवरी। संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल पर पशुओं और मत्स्य में रोगाणुरोधी (प्रतिजैविकी प्रतिरोधता) की अखिल भारतीय नेटवर्क परियोजना (इनफार) में वेटरनरी विश्वविद्यालय को सहभागी केन्द्र के रूप में शामिल किया गया है। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने बताया संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के मार्फत नेटवर्क परियोजना को देश में लागू किया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् ने वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर को इस परियोजना का सहयोगी केन्द्र बनाया है। इस परियोजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक देश भर में उपलब्ध आंकडों के आधार पर अनुसंधान करके पशुओं और मत्स्य क्षेत्र में रोगाणुरोधी क्षमताओं का अध्ययन करेंगे। इसके नतीजों के आधार पर पशुओं में प्रतिजैविकी प्रतिरोधकता के बारे में लोगों की समझ और ज्ञान का सुद्दढ़ीकरण किया जा सकेगा। परियोजना में देश के ख्यातनाम पशुचिकित्सा संस्थानों की इनफार प्रयोगशालाओं में कार्य किया जाएगा। कुलपति प्रो. शर्मा ने बताया कि वेटरनरी विश्वविद्यालय के दो वैज्ञानिकों की टीम यहां की इनफार प्रयोगशाला में परियोजना का कार्य करेंगे। वेटरनरी विश्वविद्यालय में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और कौशल के आधार पर इस महत्ती परियोजना में राजुवास को शामिल किया गया है जो कि राजस्थान के लिए गौरव की बात है। इस परियोजना में पशुओं और मत्स्य में रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने के लिए अनुसंधान और आंकडों के आधार पर अपनी अनुशंशा रिर्पोट प्रस्तुत की जाएगी। इसके आधार पर रोगाणुरोधी नीति का निर्धारण हो सकेगा।

सह-समन्वयक
जनसम्पर्क प्रकोष्ठ