पशुपालन सेे आय में वृद्धि का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

क्रमांक 753                                                                                                     13 फरवरी, 2020

पशुपालन सेे आय में वृद्धि का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

बीकानेर, 13 फरवरी। जिले के 30 पशुपालकों को आय में वृृद्धि की उन्नत तकनीकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण गुरूवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय में संपन्न हो गया। वेटरनरी विश्वविद्यालय के पशुधन चारा संसाधन प्रबन्धन एवं तकनीक केन्द्र और उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक “आत्मा“ के सयुंक्त तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण बीकानेर और लूणकरनसर तहसीलों के पशुपालक शामिल हुए। केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक डाॅ. दिनेश जैन ने बताया कि शिविर में निदेशक क्लिनिक्स, प्रो. जी.एस मेहता ने बताया कि देशी गोवंश का दुग्ध गुणवत्ता में श्रेष्ठम है, पशुपालक जैविक सर्टिफिकेशन करवाले तो दूध के अच्छे भाव मिल सकते है। पशुओं को नियमित रूप से खनिज मिश्रण का सेवन कराने से पशु स्वस्थ रहेगा तथा दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी। उपपरियोजना निदेशक “आत्मा“ मुकेश गहलोत ने कृषि विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। नेस्ले कम्पनी के क्षेत्रीय प्रबन्धक अहमद फजील तथा पशु चिकित्सक डाॅ. राहुल जांगिड ने भी पशुपालकों को आय में वृद्धि की उन्नत तकनीकों के बारे में बताया। प्रशिक्षण शिविर में जिला विकास अधिकारी, नाबार्ड रमेश ताम्बिया, डाॅ. नरेन्द्र सिंह राठौड़, डाॅ. तारा बोथरा, डाॅ. राजेश नेहरा, दिनेश आचार्य तथा महेन्द्र सिंह मनोहर द्वारा व्याख्यान दिये गये। प्रश्नोत्तरी विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गये जिसमें प्रथम पुरस्कार श्रीभगवान राम (शेखसर) द्वितीय पुरस्कार हनुमान सिंह (नाथवाणा) तथा ततृीय पुरस्कार जेठाराम (डूडीवाली) को दिया गया।

सह-समन्वयक
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