पशुपालन और ग्रामीण विकास पर राज्य के नाबार्ड जिला विकास प्रबंधकों और पशुपालन वैज्ञानिकों की संरचनात्मक बैठक एवं परिचर्चा शुक्रवार को

पशुपालन और ग्रामीण विकास पर
राज्य के नाबार्ड जिला विकास प्रबंधकों और पशुपालन वैज्ञानिकों
की संरचनात्मक बैठक एवं परिचर्चा शुक्रवार को

बीकानेर, 11 फरवरी। पशुपालन और ग्रामीण विकास विषय पर प्रदेश के नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधकों और पशुपालन के केन्द्रीय संस्थानों के वैज्ञानिकों की संरचनात्मक बैठक एवं परिचर्चा शुक्रवार को प्रातः 9ः30 बजे वेटरनरी विश्वविद्यालय में आयोजित की जायेगी। वेटरनरी विश्वविद्यालय के सामाजिक विकास एवं सहभागिता प्रकोष्ठ व नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक जयदीप श्रीवास्तव भी शिरकत करेंगे। केन्द्रीय अनुसंधान संस्थानों के निदेशक एवं प्रभागाध्यक्ष और वेटरनरी विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता और निदेशकगण भी विषयगत विचार रखेंगेे। इस बैठक में राज्य में पशुपालन के परिदृश्य और ग्रामीण विकास के लिए पशुपालकों और किसानों की लोक कल्याणकारी योजनाओं के सुद्दढ़ीकरण तथा उनकी आय बढाने के लिए सहायता कार्यक्रमों पर गहन विचार-विनिमय किया जाएगा। आयोजन सचिव प्रो. राजेश कुमार धूड़िया, प्रसार शिक्षा निदेशक ने बताया कि संरचनात्मक बैठक में नाबार्ड के विभिन्न जिलों के विकास प्रबंधकों सहित राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र के निदेशक डाॅ. ए.साहू, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र के विभागाध्यक्ष डाॅ. एस.सी. मेहता, केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के प्रभागाध्यक्ष डाॅ. एच.के. नरूला, डाॅ. एस.एन. पुरोहित, एम.डी. उरमूल, वेटरनरी काॅलेज के अधिष्ठाता प्रो. आर.के. सिंह, राजुवास के निदेशक अनुसंधान प्रो. हेमन्त दाधीच, मानव संसाधन विकास निदेशक प्रो. त्रिभुवन शर्मा, और जिला विकास प्रबंधक राजेश ताम्बिया की सक्रिय भागीदारी रहेगी।