पशुधन उत्पादन एवं प्रबंधन पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन संपन्न देश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में पशुपालन की अहम भूमिका – राज्यपाल श्री कलराज मिश्र

क्रमांक 746                                                                                                           6 फरवरी, 2020

पशुधन उत्पादन एवं प्रबंधन पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन संपन्न
देश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में पशुपालन की
अहम भूमिका – राज्यपाल श्री कलराज मिश्र

बीकानेर, 6 फरवरी। राजस्थान पशुुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा “कृषि अर्थव्यवस्था और उद्यमशीलता बढ़ाने हेतु उच्च गुणवत्ता वाले पशु उत्पादों को प्राप्त करने के लिए पशुधन प्रबंधन के प्रतिमानों में बदलाव“ विषय पर राज्य कृषि पशुधन प्रबंधन संस्थान दुर्गापुरा, जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन का समापन 6 फरवरी गुरूवार को संपन्न हुआ। सियाम आॅडिटोरियम में समापन समारोह के मुख्य अतिथि माननीय श्री कलराज मिश्र, राज्यपाल, राजस्थान ने कहा कि अगर सही तरीके से पशुपालन क्षेत्र का विकास किया जाये तो यह देश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका योगदान कर सकता है। पशुधन राजस्थान के किसानों की जीवन रेखा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार व आय का प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि ग्रामीण किसानों, महिलाओं, युवाओं आदि को पशुपालन की आधुनिकतम तकनीक से अवगत कराकर उनके आय में वृद्धि की जाये। राज्य के प्रत्येक क्षेत्र की जलवायु के अनुसार अनुसंधान कर पशुधन क्षेत्र में नवाचारों को विकसित करना पशु वैज्ञानिकों एवं अनुसंधानकर्ताओं के लिये चुनौतीभरा कार्य है। पशुपालन के क्षेत्र में राजुवास के योगदान की चर्चा करते हुये उन्होंने कहा कि इस वेटरनरी विश्वविद्यालय का स्वदेशी गौवंश नस्लों के संरक्षण में योगदान सराहनीय है। समापन समारोह में स्वागत भाषण में वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने सम्मेलन के दौरान आयोजित किये गये विभिन्न तकनीकी सत्रों के परिणामों से सभी को अवगत कराया। कुलपति ने बताया कि सम्मेलन के दौरान पशुपालक-उद्यमी-वैज्ञानिक संवाद तथा पशुधन उद्यमिता के क्षेत्र मेे स्टार्टअप विषय पर दो विशेष सत्रों का आयोजन किया गया। वेटरनरी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने बताया कि पशुपालन की नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाकर उनकी आय दुगुनी करने में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। वेटरनरी विश्वविद्यालय, मथुरा के कुलपति, प्रो. जी.के. सिंह ने अपने उद्बोधन में पशुपालन के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों को किसानों तक पहुंचाने तथा क्षेत्र विशेष पशुपालन नीतियां बनाने की जरूरत पर बल दिया। प्रो. जे.एस. सन्धु, कुलपति, जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय भी मंच पर उपस्थित थे। विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं पशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इण्डियन सोसायटी आॅफ एनिमल प्रोडक्शन एवं मैनेजमेन्ट के विभिन्न वार्षिक पुरस्कारों से वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। समारोह के अन्त में आयोजक सचिव प्रो. संजीता शर्मा ने सभी आगन्तुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन तथा पुस्तिकाओं का विमोचन

इससे पहले राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने वेटरनरी विश्वविद्यालय की प्रदर्षनी का अवलोकन किया। कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने विश्वविद्यालय के शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों को प्रदर्शनी के माध्यम से राज्यपाल श्री कलराज मिश्र को अवलोकन कराया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल महोदय ने एनीमल बिहेवियर पर लिखित पुस्तक, सोसायटी के जनरल के वर्तमान अंक तथा विष्वविद्यालय की मासिक पत्रिका पषुपालन नये आयाम के नवीन अंक का विमोचन किया।

सोसायटी के वार्षिक पुरस्कारों से वैज्ञानिक सम्मानित

समारोह में सोसायटी के लाईफटाइम एचीवमेन्ट अवार्ड से डाॅ. बी.आर. चैधरी, डाॅ. आर.एस. यादव तथा डाॅ. मणिकांत चैधरी को नवाजा गया। डाॅ. विष्णु शर्मा, डाॅ. एल.के. बाबू, डाॅ. एच.के. गुलाटी, डाॅ. पी.पी. रोहिल्ला, डाॅ. मदन लाल कम्बोज तथा डाॅ. सी. वेंकटा सेसईया को सोसायटी के नेषनल फेलो अवार्ड से सम्मानित किया गया। सोसायटी के जनरल अवार्ड में डाॅ. एम. सहाना को महिला यंग साइंटिस्ट तथा डाॅ. पी.सी. पटेल को पुरूष यंग साइंटिस्ट अवार्ड प्रदान किये गये। दुग्ध उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मान जयपुर के प्रगतिशील उद्यमी श्री अशोक मोदी को प्रदान किया गया। डाॅ. के.एन. वाधवानी, डाॅ. एन. राजन्ना, डाॅ. विवेक एम. पाटिल, डाॅ. एस. पान, डाॅ. एस.एस. लठवाल तथा डाॅ. संजीता शर्मा को सोसायटी के संरक्षक प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सह-समन्वयक
जनसम्पर्क प्रकोष्ठ