पशुचिकित्सा और पशुविज्ञान महाविद्यालय, नवानियां, उदयपुर में मनाया कृषि शिक्षा दिवस

वेटरनरी काॅलेज ने मनाया कृषि शिक्षा दिवस

नवानियाँ, 03 दिसम्बर। पशुचिकित्सा और पशुविज्ञान महाविद्यालय, नवानियां, उदयपुर में डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद के जन्मदिवस के अवसर पर ‘कृषि शिक्षा दिवस’ का आॅनलाईन आयोजन किया गया। महाविद्यालय के संकाय सदस्यों, छात्र-छात्राओं तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नवानियां के छात्र-छात्राओं ने डिजिटल मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में प्रो. (डाॅ.) त्रिभुवन शर्मा, डायरेक्टर एचआरडी, राजुवास ने कृषि एवं पशुचिकित्सा शिक्षा, इसके विभिन्न आयामों तथा कृषि एवं पशुपालन का भारतीय परिवेश में महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज हमारे विद्यार्थियों और युवा पीढी को इस क्षेत्र विशेष के महŸाव को समझकर देश के आर्थिक विकास में भागीदार बनने की आवश्यकता हैं। महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. आर. के. जोशी ने बताया कि पशुपालन और कृषि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। आज देश के किसानों एवं पशुपालकों को उद्यमिता के प्रति जागरूक करने की अति आवश्यकता हैं। आज देश का किसान कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी नवाचारों को अपनाकर अपना उत्पादन एवं आमदनी दुगुनी कर सकता हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में करियर और रोजगार की विपुल संभावनाएं हैं। कार्यक्रम में डाॅ. हेमन्त जोशी ने वन्यजीव से जुड़े अपने विस्तृत अनुभव को विद्यार्थियों से साझा करते हुए बताया कि पर्यावरण में हो रहे परिवर्तनों के कारण वन्यजीव सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ऐेसे में वन्यजीव संरक्षण की महŸाी आवश्यकता के साथ-साथ इस क्षेत्र में करियर की विपुल संभावनाएं हैं। कार्यक्रम में डाॅ. गोवर्धन सिंह ने छात्र-छात्राओं को पशु चिकित्सा एवं डिप्लोमा प्रोग्राम की प्रवेश प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी और इसके विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. मितेश गौड ने भी इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में नवानियां विद्यालय के प्राचार्य श्री भंवरलाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि निश्चित रूप से इस विद्यालय की टीम विद्यार्थियों को इस क्षेत्र विशेष की और जागरूक तथा समय-समय पर महाविद्यालय का भ्रमण करेगें।

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