जिले के 30 पशुपालकों का प्रशिक्षण वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशुपालकों ने सीखी “उन्नत पशुपोषण एवं हरा चारा प्रबंधन“ की तकनीकें

क्रमांक 1845                                                                                12 जनवरी, 2018

जिले के 30 पशुपालकों का प्रशिक्षण
वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशुपालकों ने सीखी “उन्नत पशुपोषण एवं
हरा चारा प्रबंधन“ की तकनीकें

बीकानेर, 12 जनवरी। वेटरनरी विश्वविद्यालय और उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक “आत्मा“ बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में जिले के 30 पशुपालकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। राजुवास के पशुधन चारा संसाधन प्रबंधन एवं तकनीक केन्द्र में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने ’पशु पोषण एवं हरा चारा प्रबंधन’ विषय पर पशुपालकों को सघन प्रशिक्षण दिया गया। उपनिदेशक कृषि श्री बी.आर. कड़वा ने पशुपालकों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण में उन्नत पशु पोषण के उपायों को लागू करके पशुधन से अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। पशुपालकों को राजुवास से तकनीकी परामर्श सेवाओं का भी पूरा उपयोग करना चाहिए। केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक प्रो. आर.के. धूड़िया ने बताया कि विश्वविद्यालय के केन्द्र द्वारा कृषक और पशुपालकों के लिए इस वर्ष कई प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया है। उन्होंने पशुपालकों का आह्वान किया कि वे वेटरनरी विश्वविद्यालय के उपयोगी प्रकाशनों को वेबसाइट पर देखकर तथा टोल फ्री हैल्पलाइन और वाईस मैसेज सर्विस का लाभ उठाकर भी उन्नत पशुपालन के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रो. धूड़िया ने बताया कि प्रशिक्षण के अंत में पशुपालन प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में विजेता रहे पशुपालक अजय सिंह यादव, राजीव बिश्नोई और राजकुमार को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। दो दिवसीय प्रशिक्षण में प्रो. राधेश्याम आर्य, डाॅ. दिनेश जैन, डाॅ. राजेश नेहरा, डाॅ. दीपिका धूड़िया, श्री दिनेश आचार्य, श्री महेन्द्र सिंह मनोहर ने विषय विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान प्रस्तुत किए।

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