चूरू के नन्हें-मुन्नों बच्चों ने राजुवास में पशु-पक्षियों की कलरव और सेवा कार्यों का लिया जायजा

क्रमांक 1766                                                                                                    10 नवम्बर, 2017

चूरू के नन्हें-मुन्नों बच्चों ने राजुवास में पशु-पक्षियों की कलरव और सेवा कार्यों का लिया जायजा

बीकानेर, 10 नवम्बर। स्कूल के नन्हें-मुन्नें बच्चे शुक्रवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय में भ्रमण कर बतख, टर्की और एमू की अठखेलियों और पशुओं की चिकित्सा और सेवा कार्यों को बड़े कौतूहल से देखकर प्रफुल्लित हो गए। लिटिल एंजिल्स काॅन्वेंट स्कूल, चूरू के प्राथमिक कक्षाओं के 50 बालक-बालिकाओं का समूह शुक्रवार को अपरान्ह् में प्रधानाध्यापिका नीरू अरोड़ा व शिक्षिकाओं के नेतृत्व में राजुवास पहुँचे। पोल्ट्री फाॅर्म की प्रभारी प्रो. बसन्त बैस ने नन्हें-मुन्नों का स्वागत करते हुए उनको पशु-पक्षी और प्रकृति प्रेम तथा उनकी सेवा-सुश्रुषा के उच्च कीर्तिमानों से अवगत करवाया। बच्चों ने राजुवास म्यूजियम में ऊंट के कंकाल को बड़े कौतूहल से निहारा। उन्होंने पशुओं के शल्य क्रिया कें फोटो के माध्यम से जाना। बाद में पोल्ट्री फाॅर्म के पशु सजीव म्यूजियम में पक्षियों की कलरव और दीदार से भाव विह्वल हो गए। इन बच्चों ने राजुवास स्मार्ट क्लास रूम को भी देखा। डाॅ. सी.एस. ढ़ाका ने बच्चों से संवाद कर पशु-पक्षियों के सरंक्षण बाबात जानकारी दी।

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