गौपालन राज्य मंत्री श्री देवासी द्वारा वेटरनरी विश्वविद्यालय प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र सिरोही के नए परिसर का लोकार्पण

क्रमांक 005                                                       10 अप्रैल, 2017

गौपालन राज्य मंत्री श्री देवासी द्वारा वेटरनरी विश्वविद्यालय प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र सिरोही के नए परिसर का लोकार्पण

बीकानेर, 10 अप्रैल। गौपालन राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी ने सोमवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र सिरोही के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। समोराह की अध्यक्षता वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने की। इस अवसर पर लोकार्पण समारोह को सम्बोधित करते हुए श्री देवासी ने कहा कि सिरोही जिला बकरी पालन के लिए विख्यात है और इस जिले मेें पशुपालन की विपुल संभावनाएं हैं। यहां के पशुपालकों का मनोबल बढ़ाकर उनको पशुपालन के प्रति जागरूक करने की महत्ती जरूरत है। मुझे आशा है कि वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित यह केन्द्र “जय किसान-जय जवान, जय पशुपालक“ नारे को सार्थक बनाएगा। उन्होंने पशुपालकों का आह्वान किया कि वे इस केन्द्र के मार्फत पशुपालन तकनीकी का प्रशिक्षण लेकर अपनी आजीविका बढ़ायेंगे। गौपालन मंत्री ने वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे राज्य में स्वदेशी गौवंश पालन, हरा चारा विकास की तकनीकों, वैज्ञानिक पशुपालन और अनुसंधान कार्यों की सराहना की। राज्य मंत्री ने उम्मीद जताई कि राज्य के गौशाला प्रबंधकों के प्रशिक्षण के लिए भी ये केन्द्र लाभकारी होंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने कहा कि 10 लाख आबादी वाले सिरोही जिले में 9 लाख पशुधन है। 45 फीसदी आबादी कमजोर तबके के लोगों की है। इस जिले में पारंपरिक पशुपालन को तकनीकी आधारित बनाकर दुग्ध उत्पादन में राज्य को देश का सिरमोर बनाया जा सकता है। अभी उत्तर प्रदेश के बाद राज्य दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को समय की आवश्यकता को समझते हुए अपने स्वदेशी गौवंश पालन को बढ़ावा देना होगा। हम वैज्ञानिक रीति-नीति से पशुपालन करके अपनी किस्मत बदल सकते हैं। समारोह में विशिष्ट अतिथि रूप में शामिल जिला प्रमुख श्रीमती पायल परसरामपुरिया ने कहा कि जिले में पशुपालकों को प्रशिक्षित किए जाने का अभाव था। इस केन्द्र के माध्यम से पशुपालक आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण लेकर अपने सीमित संसाधनों से आर्थिक उन्नति कर सकेंगे। नगर परिषद् सिरोही के सभापति श्री ताराराम माली ने कहा कि कम पढ़े लिखे पशुपालकों को वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा प्रशिक्षित किए जाने की योजना उनकी आजीविका बढ़ाने में मील का पत्थर सााबित होगी। भाजपा के जिलाध्यक्ष श्री लुम्बाराम चैधरी ने भी समारोह को सम्बोधित किया। इस अवसर पर समाजसेवी श्री रघुनाथ माली, राज्य पशुपालन विकास बोर्ड के सदस्य श्री नारायण देवासी, पंचायत समिति सदस्य श्री कुलदीप सिंह और पालड़ी के उप सरपंच श्री जीतेन्द्र सिंह भी मौजूद थे। वेटरनरी विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. आर.के. धूड़िया ने प्रारंभ में स्वागत भाषण में बताया कि इस केन्द्र में तीन पशुचिकित्सा विशेषज्ञ और तकनीकी स्टाफ की सेवाएं सुलभ करवाकर पशुओं के रोग निदान के लिए पशु आहार, दूध, खून व मल-मूत्र की जांच सुविधा भी प्रदान की जा सकेगी। गौरतलब है कि वेटरनरी विश्वविद्यालय ने अब तक राज्य के 12 जिलों में ऐसे प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र शुरू किये हैं। वेटरनरी काॅलेज, वल्लभनगर (उदयपुर) केे अधिष्ठाता प्रो. आर.के. नागदा ने सभी का आभार व्यक्त किया। डाॅ. सुदीप सोलंकी ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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